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Rampur News: 34 करोड़ की योजना अधूरी... बिजली कटौती की मार पूरी

Sat, 04 Apr 2026 11:12 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली व्यवस्था की तैयारियों की पोल खुलने लगी है। पिछले वर्ष बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए बिजली विभाग ने करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने की योजना बनाई थी। इसमें ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और जर्जर लाइनों को बदलने जैसे कार्य शामिल थे, ताकि गर्मियों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके, लेकिन अब तक समस्या बनी हुई है।
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बिजली विभाग के अधिकांश कार्य अधूरे पड़े हैं। विभाग मरम्मत कार्य का हवाला देकर रोजाना पांच से छह घंटे बिजली कटौती कर रहा है, जिससे शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी परेशान हैं।
व्यापारियों के अनुसार बार-बार बिजली जाने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को पानी की किल्लत और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि और लाइन सुधार के कार्य पूरे कर लिए जाते, तो लगातार कटौती की स्थिति नहीं बनती। उपभोक्ताओं ने विभाग से जल्द स्थायी समाधान कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

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मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मिलेगी निर्बाध बिजली

अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र चौहान ने बताया कि बढ़ते लोड को देखते हुए ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और लाइनों की मरम्मत का कार्य चरणबद्ध तरीके से कराया जा रहा है। तकनीकी सुधार पूरे होते ही अनावश्यक बिजली कटौती समाप्त कर उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति दी जाएगी।

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रोजाना कई घंटे बिजली कटौती से लोगों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक के काम बार-बार रुक जाते हैं। विभाग हर साल सुधार का दावा करता है लेकिन स्थिति नहीं बदलती। गर्मी बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है। -हसीब अहमद

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लगातार बिजली कटौती से घर के कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पानी की मोटर नहीं चल पाती और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। गर्मी में बार-बार बिजली जाना सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। -जाहिद पाशा

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बिजली कटौती सबसे बड़ी समस्या है। रात में भी कई बार बिजली चली जाती है। मोबाइल और लैपटॉप चार्ज नहीं हो पाते, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों के लिए नियमित बिजली जरूरी है। -अकील अहमद

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बिजली न रहने से मशीनें बंद हो जाती हैं और उत्पादन प्रभावित होता है। जनरेटर चलाने से खर्च बढ़ रहा है। यदि समय पर लाइन सुधार कार्य पूरे हो जाते तो उद्योगों को नुकसान नहीं उठाना पड़ता। -इंतेजार अली
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