रामपुर। विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के बेटे हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां पर हुए हमले के मामले में जेल में बंद सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खां के पांच समर्थकों की मुश्किल बढ़ गई है। पुलिस ने पांचों के खिलाफ कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का मामला भी दर्ज करते हुए रिमांड मांगा है। इस बीच उनकी जमानत अरजी पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। दोनों ही केस में जमानत पर फैसला सोमवार को आ सकता है।
विधानसभा चुनाव के बाद स्वार टांडा से बसपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां और सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के समर्थक सात जुलाई 2017 की रात शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजार नसरुल्ला खां में आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान नवेद मियां के बेटे हमजा मियां की कार पर भी हमला किया गया था। इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। जिसमें अब्दुल्ला के इशारे पर ऐसा करने का आरोप लगा था। विवेचना में पुलिस ने अब्दुल्ला आजम समेत दो लोगों के नाम निकाल दिए थे। इस मामले में सभी आरोपियों ने दो अप्रैल को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। पांचों आरोपियों की ओर से जमानत याचिका दायर की गई थी। जिस पर शनिवार को सुनवाई हुई। बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया। इस बीच पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का भी मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की ओर से कोर्ट में इस संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया है,जिसमें इस मामले में भी वारंट देने की मांग की। इस केस के बाद सभी आरोपियों की मुश्किल बढ़ गई है। आरोपियों के अधिवक्ता आरिफ खां ने बताया कि इस मामले में पुलिस की ओर से कोर्ट के आदेश के बाद भी सरेंडर न करने के आरोप में धारा 174 के तहत आरोपी मोहम्मद समी, शाकिर हामिद, कामरान, शाकिब रजा व आदिल जाफर उर्फ भोली के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। उनकी ओर से इस मामले में भी जमानत अर्जी दी गई है। जिस पर सोमवार को फैसला सुनाया जाएगा। बताया कि हमले के मामले में भी कोर्ट ने जमानत पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। इस पर भी सोमवार को फैसला आएगा।