रामपुर। जिले में गेहूं की फसल करीब 70 फीसदी कट चुकी है। लेकिन, क्रय केंद्रों पर इसकी छह फीसदी फसल ही पहुंची है। जिससे जाहिर है कि किसान कम संख्या में ही क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। क्रय केंद्रों पर गेहूं कम पहुंचने के पीछे कई वजह मानी जा रही हैं। इनमें लॉकडाउन की आशंका से लेकर बिलासपुर क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्तराखंड में गेहूं बेचने और बड़ी संख्या में किसानों द्वारा सीड्स प्लांट को गेहूं बेचने की आशंका है।
जिले में एक अप्रैल से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू की गई। पंचायत चुनाव निपटने के बाद अब क्रय केंद्रों पर धीरे-धीरे गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ रही है। मौजूदा समय में करीब तीन हजार मीट्रिक टन गेहूं की रोजाना खरीद की जा रही है लेकिन, गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं जिले की कुल उत्पादकता और अब तक काटे जा चुके गेहूं की तुलना में काफी कम है। जिले में गेहूं की फसल का कुल रकबा करीब 146516 हेक्टेयर है जिसकी कुल अनुमानित उत्पादकता करीब 6 लाख 40 हजार मीट्रिक टन है। कृषि विभाग के अनुसार अभी तक करीब 70 फीसदी गेहूं की कटाई हो चुकी है। यानि करीब 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं कट चुका है लेकिन, जिले में क्रय केंद्रों पर शनिवार तक 25 हजार मीट्रिक टन की खरीद हुई थी जो कि कुल काटे गए गेहूं का करीब छह फीसदी ही है।