रामपुर। विवादस्पद बोल में आजम खां पर चुनाव आयोग के 72 घंटे के रोक की कार्रवाई के बाद उनके पुत्र और स्वार-टांडा के विधायक अब्दुल्ला आजम ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले नोटिस नहीं दिया, जवाब नहीं मांगा गया। यह तो एक तरफा कार्रवाई है। अब्दुल्ला ने कहा कि आजम खां की जिस टिप्पणी का संज्ञान लिया गया है उसमें उन्होंने किसी के नाम और लिंग का जिक्र नहीं है।
अब्दुल्ला आजम मंगलवार को सपा कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और पूर्व मंत्री आजम खां पर कार्रवाई कर अगर कोई सोचता है कि वह कमजोरों, मुसलमानों और अनुसूचित जाति के लोगों की आवाज को दबा लेगा तो ऐसा सोचना गलत है। हम दोगुनी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे। अब्दुल्ला ने कहा कि हमने भी चुनाव आयोग से कई शिकायतें की हैं, लेकिन किसी पर संज्ञान नहीं लिया गया। भाजपा की प्रत्याशी ने भी ट्विट किया था कि मैं रामपुर एक दानव का अंत करने जा रही हूं। उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।। उन्होंने कहा कि आजम खां पर पहली बार वैन नहीं लगा है, पिछले चुनाव में एक बड़े आदमी के साथ आजम खां पर वैन लगा दिया गया था। उन्होंने कहा कि आजम खां पर वैन मोदी को खुश करने के लिए लगाया गया है। कहा कि अगर भाजपा प्रत्याशी को ही चुनाव जिताने की मंशा है तो सारे प्रत्याशियों के पर्चे पहले ही खारिज कर दिए होते।