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चीन कर सकता है डोकलम पार्ट टू, भारत को रहना होगा तैयार: डॉ. हर्ष

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रामपुर।
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चीन जिस तरह से सीमा पर हरकतें कर रहा है, उससे साफ है कि वह डोकलम पार्ट टू कर सकता है। इसके लिए भारत को हर तरह से तैयार रहना होगा। यह कहना है लंदन के किंग्स कॉलेज के प्रोफेसर एवं रक्षा विशेषज्ञ डॉ. हर्ष वी पंत का।
डॉ.पंत शनिवार को कृष्णा बिहार स्थित अपनी रिश्तेदारी में आए थे। इस बीच उन्होंने अमर उजाला से बातचीत की। देश की सुरक्षा और विदेशी नीति पर खुलकर बोले। के. सुब्रह्मण्यम अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन रिसर्च ऑन स्ट्रेटेजिक एंड सिक्योरिटी इश्यूज से सम्मानित होने वाले डॉ. हर्ष वी. पंत ने चीन को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच डोकलम विवाद हुआ था। इस विवाद को भारत ने बहुत ही समझदारी और अच्छी तरह से संभाला। चीन के मुकाबले कमजोर होने के बाद भी भारत न सिर्फ चीन को झुकाने में सफल रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी स्पष्ट संदेश दिया कि अब भारत एक कमजोर देश नहीं है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि उस वक्त चीन में ब्रिक्स समिट होनी थी। ऐसे में किसी भी तरह का विवाद न हो, इसके लिए चीन भी चाहता था कि यह विवाद खत्म हो। चूंकि, अब समिट निपट चुकी है और चीन ने फिर से भारतीय सीमा पर पुरानी हरकतें शुरू कर दी हैं। सड़कों और रेल लाइनों के निर्माण के साथ ही तमाम कार्य किए जा रहे हैं, उससे साफ है कि चीन डोकलम का बदला ले सकता है। कभी भी चीन डोकलम पार्ट टू कर सकता है। ऐसी किसी भी परिस्थिति से बचने के लिए भारत को हर तरह से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि काफी हद तक इसके लिए पिछली सरकारें जिम्मेदार हैं, जिन्होंने चीन सीमा से जुड़े भारतीय क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए ढांचागत विकास पर ध्यान नहीं दिया। सेना को सशक्त करने और संसाधनों की उपलब्धता पर जोर नहीं दिया।
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पड़ोसी देशों से संबंध को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हमारे सभी पड़ोसी देशों में चीन का दखल है। पाकिस्तान, मालदीव, नैपाल, श्रीलंका समेत तमाम देश हैं, जहां चीन बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। भारत चीन के घेराव की रणनीति का शिकार बनता जा रहा है। ऐसे में अब भारत को प्रत्येक कदम सोच समझकर उठाने की जरूरत है, क्योंकि नेपाल में जिस तरह से सियासी फेरबदल हुआ है काफी हद तक उनका रवैया चीन के प्रति नरम रहा है। हालांकि, भारत और चीन दोनों ही देशों के नेता व अफसर संपर्क में हैं। उन्होंने ओवरऑल विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि आज मध्य एशिया के देशों से लेकर आसियान देशों तक से भारत के मधुर संबंध हैं। पाकिस्तान को लेकर कहा कि फिलहाल जो हालात हैं, उनमें ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
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