झिकनी पुल-बमटा सड़क की खराब हालात के कारण सेब की सैकड़ों पेटियां फंस गई हैं। सड़क पर आने के लिए कोई वाहन चालक तैयार नहीं है। परिवहन निगम की बसें भी आधे सफर से लौट रही हैं। ग्रामीणों को सेब मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। बागवानों ने लोनिवि व सरकार से सड़क की हालत सुधारने की मांग की है।
झिकनी पुल बमटा सड़क की बदहाली के चलते सेब को मंडियों तक पहुंचाना के लिए बागवानों के पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। बमटा के लिए चलने वाली बसें ठिकाने तक नहीं पहुंच रही। सड़क की दशा सुधारने के लिए लोग कई बार लोनिवि से मांग कर चुके हैं। इस मार्ग पर खाली वाहन भी नहीं चल रहे हैं। बरसात के बाद बमटा पंचायत के तहत गांव चोट्टा, पुजरली, शंगड़ोली व डणकांडली आदि के लोग घर पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर पैदल सफर कर रहे। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय बागवान श्याम डमाल, नरेश मांटा, अनिल शर्मा, नरेश डमाल, प्रदीप शर्मा, चंद्र झगटा, सुरेश डमाल, दिनेश पबटा, राजेंद्र व कुलदीप ने मांग की है कि झिकनीपुल-बमटा सड़क की हालत शीघ्र सुधारी जाए। उन्होंने कहा कि सड़क नहीं सुधरी को लोगों की साल भर की कमाई सड़क के किनारे सड़ जाएगी।
बरसात में नहीं हो रहा काम : विभाग
लोनिवि चौपाल के अधिशाषी अभियंता जगदीश कानूनगो ने कहा कि सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता व ठेकेदार को बमटा, माटल व शलन शिरगा मार्गों का निरीक्षण करने के लिए भेजा था। बरसात के कारण नालियां बनाने व अन्य कार्य नहीं हो पा रहे हैं। सेब सीजन के दौरान किसी भी सड़क को अवरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा। ठेकेदार को बरसात समाप्त होते ही एक माह के भीतर कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दे दिया गया है।