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बेटी ने किडनी देकर बचाई मां की जान

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रामपुर। कहते हैं कि बेटियां भगवान की अनमोल देन होती हैं। जब मां-बाप पर कोई संकट आता है तो बेटियां ढाल की तरह खड़ी हो जाती हैं। बेटियां अपना फर्ज निभाने में बेटों से पीछे नहीं है। अपना फर्ज निभाने के लिए वह अपने भविष्य और जान की परवाह किए बिना अपनी जिंदगी दांव पर लगा देती हैं। ऐसी ही मिसाल पेश की है कि रामपुर की 21 साल की शिप्रा नेे। सीए की पढ़ाई करने वाली शिप्रा ने गंभीर रूप से बीमार अपनी मां को किडनी देकर इसकी जान बचाई है।
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गंज थाना क्षेत्र के पुराना गंज निवासी श्याम कुमार गुप्ता की फोटोग्राफी की दुकान थी। उनकी पत्नी संगीता गुप्ता ने दो बेटियों को जन्म दिया। उनकी बड़ी बेटी शिप्रा गुप्ता और छोटी बेटी रेणु गुप्ता हैँ। सब कुछ ठीक चल रहा था। एक बेटी सीए की पढ़ाई कर रही है, तो छोटी बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। लेकिन अचानक से पांच साल पहले श्याम कुुमार गुप्ता की पत्नी संगीता गुप्ता बीमार हो गई। उसके बाद उनका हर जगह इलाज चलाया गया। लेकिन कोई फायदा नही हुआ।उसके बाद महिला का इलाज नोएडा निजी अस्पताल में भी कराया गया था। इलाज के दौरान डाक्टरों ने उनकी किडनी खराब हो जाने की जानकारी दी थी। जिसके बाद परिवार के लोग दहशत में आ गए थे। उसके बाद पूरे परिवार में एक तरह से शोक छा गया था। लेकिन संगीता के पति ने हिम्मत नही हारी। लगातार अपनी पत्नी के लिए इलाज में लगे रहे। करीब चार माह पहले 21 साल की शिप्रा ने अपनी मां को किडनी देने का फैसला लिया। बेटी की किडनी मां को लगा दी गई। बेटी की किडनी लगने के बाद मां की स्थिति में सुधार तो आया, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत फिर से खराब चल रही है। फिलहाल उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है।
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