रामपुर। आजादी के बाद होने वाले लोकसभा के चुनाव में ऐसा पहली बार हुआ है कि कांग्रेस ने नवाब परिवार को अहमियत नहीं दी है। नवाब परिवार को अहमियत नहीं दिए जाने पर पूर्व सांसद बेगम नूरबानो और उनके पुत्र पूर्व मंत्री नवेद मियां ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है। नवेद मियां के पीआरओ ने गुरुवार को बयान जारी कर ऐसे संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में नूरमहल की ओर से कोई फैसला लिया जा सकता है।
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां गुरुवार को बयान जारी कर कहा है कि नूरमहल न कोई जंग हारा है और न ही अस्तित्व पर संकट है। सियासी ख़ामोशी को शिकस्त समझने की कोशिश नहीं की जाए। किसी भी पार्टी का टिकट जीत का प्रमाण-पत्र नहीं होता है। सब अपनी-अपनी चाल चल चुके, अब नूरमहल की बारी है। उन्होंने इकबाल के शेर का उल्लेख करते हुआ है कि सितारों से आगे जहां और भी हैं... अभी इश्क़ के इम्तिहां और भी हैं।