सांगला (किन्नौर)।
पूह पहुंचने वाले लोगों और पर्यटकों को खतरों के साये में सफर करना पड़ रहा है। जिले के एनएच पांच पर पांगी नाले से खारो तक सफर डरावना और खतरों से भरा है। सड़क बहुत संकरी है। यहां पर हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है। करीब 12 किलोमीटर सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है। बीती एक मई को पांगी निवासी विद्यानंद नेगी अपने वाहन से रोपावैली की ओर जा रहा था। लेकिन उसका आज तक पता नहीं चला।
छह मई को ऊपरी पहाड़ी से गिरी भारी भरकम चट्टानों की चपेट में आने से 42 वर्षीय रिब्बा निवासी रतनध्वज नेगी की मौके पर ही मौत हो गई थी। 29 मई को पूह खंड के स्पीलो के पास एक कार 300 फीट नीचे सतलुज में जा गिरी, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शलखर के पास चट्टानों की चपेट में आने से सीमा सड़क संगठन के एक अधिकारी की भी मौत हो गई थी। पोवारी से लेकर सुमरा तक नेशनल हाईवे पांच को चौड़ा करना सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक है। लोगों ने सरकार, सीमा सड़क संगठन और जिला प्रशासन से मांग की है कि ठेकेदारों को कहा जाए कि सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त कर हैवी ब्लास्टिंग न करें, ताकि इससे प्रकृति के साथ हो रही छेड़छाड़ को रोका जा सके। वन अधिकार संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष जिया लाल नेगी, हांगरंग वैली संघर्ष समिति के अध्यक्ष शांता कुमार नेगी, रमेश नेगी, छेवांग दोर्जे नेगी, चंद्रमोहन नेगी, चंद्रशेखर नेगी, अर्जुन नेगी, कृष्ण गोपाल नेगी, कर्ण नेगी, राजेंद्र लामा, रमेश ठाकुर सहित जिले के अन्य लोगों ने सीमा सड़क संगठन के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पोवारी से सुमरा तक सड़क को चौड़ा किया जाए। उधर, इस बारे में सीमा सड़क संगठन के ओसी राजीव चंद्र ने कहा कि सुरक्षा के चलते एनएच पांच पर बराबर कार्य करवाया जा रहा है। सड़क चौड़ा करने वाली कंपनी को कटिंग करने और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई घटना पेश न आए।