मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यूपी की सत्ता संभालने का असर दिखने लगा है। चुनाव के दौरान भाजपा और सपा में सबसे विवादास्पद मुद्दा रही बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने नौ पॉइंट एजेंडा जारी किया।
पांचों विद्युत वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को रविवार देर रात जारी एजेंडे में रोस्टर के मुताबिक तत्काल बिजली उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जनवरी से अब तक (19 मार्च) बिजली सप्लाई की फीडर वार रिपोर्ट भी तलब की है। प्रबंध निदेशक मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक मुख्यमंत्री को यह भी बताएंगे कि जुलाई तक जनता को कितनी बिजली चाहिए।
इसमें प्रबंध निदेशक से कहा कि निदेशक तकनीकी एवं क्षेत्रीय मुख्य अभियंता (वितरण) के साथ मिलकर समीक्षा करें कि जनवरी से अब तक ग्रामीण, तहसील, जिला मुख्यालय को फीडर वार कितनी बिजली सप्लाई की गई और जुलाई तक कितनी बिजली की दरकार है। मुख्यमंत्री ने इसका पता लगाने का आदेश दिया है कि पीक आवर्स में रोस्टर के मुताबिक क्यों नहीं मिल पा रही है।
अधिशासी अभियंता सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालय को 20 घंटे और ग्रामीण इलाके को 18 घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी। इस बीच एक घंटे की भी कटौती नहीं की जाएगी। यदि कहीं बिजली फाल्ट होते हैं तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को देनी होगी। जनप्रतिनिधियों से भी खराब ट्रांसफार्मरों की जानकारी ली जाए।