बच्चों ने लघु नाटिका और कहानियों से दिया निरंकारी मिशन का संदेश
रामपुर।
निरंकारी बाल संत समागम में बच्चों ने लघु नाटिका, कविता और कहानी के माध्यम से निरंकारी मिशन के संदेश और उद्देश्य को बयां किया। बच्चों ने बहुत सुंदर ढंग से शुभ आचरण और संस्कारों के महत्व को भी दर्शाया।
हाईवे किनारे स्थित एक बैक्वेट हाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लखीमपुर खीरी जोन से आए निरंकारी संत प्रवेश साहनी ने कहा कि निरंकारी बच्चों ने बाल भक्त प्रहलाद की यादें ताजा कर दीं। बच्चों ने अपनी प्रेरक प्रस्तुतियों के माध्यम से साबित कर दिया कि उन पर निरंकारी सद्गुरु की शिक्षाओं का पूरा असर हैं। कहा कि बच्चे कोरे कागज की तरह हैं, जो लिखे, उनके जीवन में अंकित हो जायेगा। बच्चे कच्ची मिट्टी जैसे हैं, जो रूप देना चाहो, वही बनेंगे। बाल संत समागम में छोटे-छोटे बच्चों ने महापुरुषों के रूप में भाग लिया। बच्चों ने अपनी-अपनी भाषाओं में लघुनाटिका, गीत, कविताओं, अवतार वाणी के शब्द एवं विचारों के माध्यम से बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की सीख को प्रस्तुत किया। बाल समागम के माध्यम से प्रयास किया गया कि बच्चों में सेवा, सिमरन, सत्संग के अलावा ब्रह्मज्ञान, सत्य, एकत्व की भावना, समर्पण, भाईचारा, चारित्रिक विकास के साथ समाज सेवा, रक्तदान, पौधरोपण, सफाई अभियान की भावना दृष्टिगोचर हो सके। बाल संत समागम का संचालन बहन सारिका गाबा (रुद्रपुर) ने किया। रामपुर की बाल संगत इंचार्ज बहन मीनू, सुमन सैनी, निशि, मीडिया सहायक शोभित किशोर सक्सेना, राजेन्द्र स्वरूप भटनागर, ओमप्रकाश आहूजा, सुशील जौहरी, राधेश्याम, सुरेंदर चावला (रुद्रपुर), बलदेव सिंह (बाजपुर), गुरनाम (मुरादाबाद), मनसा राम (मुरादाबाद), दीपक (जसपुर), राजकपूर निरंकारी (जसपुर), शिरोहित सक्सेना, हंसराज सिंह, अनिल राज, बाबूराम (बिजनोर)श़ आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में 15 जिलों के बच्चों ने भाग लिया, जिन्हें पुरस्कृत भी किया गया।