चुनाव नजदीक आने की वजह से याद आ रहे हैं मुसलमान: आजम
रामपुर।
पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा है कि राजनीतिक दलों को मुसलमानों की याद इसलिए आ रही है अब चुनाव नजदीक आ गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे भी ऐसी कई इफ्तार पार्टियां याद हैं जिसमें एक भी रोजेदार नहीं होता है, लेकिन पार्टी बहुत शानदार होती है। ना उसके बाद नमाज का एहतमाम होता है और न कोई नमाजी होता है। जब कोई रोजे वाला ही नहीं होता है। ये कोई ऐसी बात नहीं है।
आजम खां यह बात बुधवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित रोजा-इफ्तार पार्टी को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। कांग्रेस की ओर आयोजित रोजा-इफ्तार पार्टी में पूर्व राष्ठ्रपति प्रणब मुखर्जी को नहीं बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह इस सवाल का जवाब देने का सही मौका नहीं है। सही तो यही है कि इस वक्त इस मुद्दे पर ज्यादा बहस ना हो, इससे कांग्रेस को ही ज्यादा नुकसान होगा। शिव सेना द्वारा प्रणब मुखर्जी को आरएसएस की पसंद से संभावित प्रधानमंत्री का प्रत्याशी बताए जाने पर उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने इस मंसूबे को लेकर ऐसा काम किया तो उनका नाम इतिहास में अच्छे लफ्जो में नहीं लिखा जाएगा। उन्हें खुद इस बात का खंडन करना चाहिए। ऐसा खंडन होना चाहिए लगे के ये खंडन है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि शराबखाने में जाकर शराब को बुरा कहना ये कोई अकलमंदी नहीं है। जो कुछ प्रणव मुखर्जी ने कहा वो सब बाहर भी कह सकते थे, इतनी पब्लिकसिटी उससे मिलती, शायद ज्यादा मिलती।