रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध मंडलायुक्त कोर्ट में दायर याचिका के अंगीकरण पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता ने एक बार फिर डीएम रामपुर पर अभिलेख नहीं देने का आरोप लगाया। यूनिवर्सिटी के 17 भवनों के मानचित्र कोर्ट में पेश किए गए। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 तय की है।
बता दें कि जिलाधिकारी एवं आरडीए उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों में से 38 को अवैध मानते हुए ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की ओर से इस आदेश को मंडलायुक्त कोर्ट में चुनौती दी गई है।
इस मामले में पिछली सुनवाई 25 सितंबर को हुई थी। उस दौरान यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने डीएम रामपुर, जो आरडीए के उपाध्यक्ष भी हैं, पर नक्शों की प्रतियां नहीं देने का आरोप लगाया था।
बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने की बारी आई तो यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता ने फिर आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि डीएम रामपुर ने अभी तक अभिलेख नहीं दिए हैं, जबकि वह तीन, 14 और 16 अक्तूबर को पत्र भी लिख चुके हैं।
यूनिवर्सिटी ने 17 भवनों के मानचित्र कोर्ट में प्रस्तुत किए और शेष प्रपत्र एकत्र करने के लिए न्यायालय से एक माह का समय मांगा। साथ ही आरडीए से मास्टर प्लान, जोनल डेवलपमेंट प्लान, बायलॉज और रेगुलेशन मंगाने का अनुरोध किया। इस पर न्यायालय ने अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर तय की है।