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गन्ना भुगतान और चीनी मिल चालू कराने को लेकर सड़कों पर किसान

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रामपुर। बकाया गन्ना भुगतान कराने और चीनी मिलों में पेराई शुरू कराने को लेकर किसानों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली से कलक्ट्रेट गेट पर गन्ने का ढे़र लगाकर प्रदर्शन किया तो भाकियू अंबावता ने आंबेडकर पार्क के सामने गन्ने की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
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भारतीय किसान यूनियन के तमाम कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से किसान ट्रैक्टर-ट्राली में गन्ना भरकर पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे और गेट पर ही गन्ना उतारकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों की मांग थी कि बकाया गन्ना भुगतान कर चीनी मिले चालू कराई जाएं। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने कहा कि आजादी के कुछ समय बाद कर्मचारियों, सांसद-विधायकों के वेतन और मौजूदा वेतन में कितना अंतर आ गया है लेकिन, किसानों की फसलों के समर्थन मूल्य और उनके हालातों में कोई खास अंतर नहीं आया है।
महंगाई के सापेक्ष फसलों के दाम न बढ़ने से अन्नदाता आज भी आर्थिक संकट से जूझ रहा है और कर्ज में दबकर आत्महत्या कर रहा है। किसानों के धरना प्रदर्शन पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से बात की। उन्होंने किसानों को शीघ्र सभी समस्याओं का निस्तारण करने का आश्वासन दिया, जिस पर किसान शांत हुए।
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इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने भी आंबेडकर पार्क में पंचायत कर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और चीनी मिलों को चालू कराने का मुद्दा उठाया। संगठन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई बढ़ाकर किसानों की कमर तोड़ दी है, और किसानों की खराब हुई फसलों का सर्वे तक नहीं कराया गया है। किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिस कारण किसानों के त्योहार भी फीके पड़ रहे हैं। इसके बाद किसानों ने आंबेडकर पार्क के सामने हाईवे पर नारेबाजी करते हुए गन्ने की होली जलाई और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बकाया गन्ना का भुगतान ब्याज सहित कराने, तुरंत चीनी मिलो को चालू कराने, गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने, डीजल, बिजली, कृषि यंत्र, कीटनाशक दवाइयों के दाम कम करने आदि की मांग की गई।
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