रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में बनी इमारतों पर सेस के कम आकलन को लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब कर ली है। उन्होंने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा और श्रम विभाग से सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जा सके।
भारतीय जनता पार्टी के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के संयोजक आकाश सक्सेना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माणधीन भवनों पर अधिकारियों की मिली भगत के चलते 2015 में निर्धारित 20 करोड़ रुपये सेस को कम आकलन कर 1.37 करोड़ रुपये कर राजस्व को हानि पहुंचाई जा रही है। कहा कि पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने विश्वविद्यालय परिसर में बड़े बड़े भवनों का निर्माण व2015 तक करवाया था। इसकी लागत दो हजार करोड़ रुपये है। इस प्रकार संपूर्ण कार्य की लागत से एक प्रतिशत उपकरण के अनुसार बीस करोड़ रुपये का सेस जमा होना चाहिए। शासन द्वारा 2015 में इस बावत नोटिस भी जारी किया गया था। लेकिन, इसके बाद भी सेस जमा नहीं किया गया।
पूरे मामला सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एवं प्रमुख सचिव श्रम विभाग से इस बावत रिपोर्ट तलब की है। सात दिन के भीतर यह रिपोर्ट देने को कहा है। आकाश सक्सेना ने बताया कि नियमानुसार यदि कोई सेस निर्धारित समय से जमा नहीं करता है, तो निर्धारित सेस पर दण्ड के रुप में एक प्रतिशत अतिरिक्त कर लगेगा, जो कि जौहर विश्वविद्यालय से वसूला जाना चाहिए।