रामपुर। जिले में सूखते तालाबों को नया जीवन देने और नए तालाब विकसित करने के लिए करीब पौने दो करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इससे जिले में 115 तालाबों के सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार और खुदाई का कार्य किया जाएगा। रामपुर में तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य मनरेगा से कराए जाने का आदेश जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने दिया है।
तेजी से गिरते जलस्तर से जिले में सैकड़ों की संख्या में तालाब सूख गए। इतना ही नहीं बड़े पैमाने पर सूखे और दम तोड़ रहे तालाबों पर अवैध कब्जे कर लिए गए। जिससे किसी दौर में गांव का एक अहम हिस्सा होने वाले तालाब गांव से गायब हो गए। करीब दो-तीन दशक पहले तक लगभग हर गांव में कम से कम एक तालाब तो होता ही था जबकि कई गांवों में इनकी संख्या दो से चार तक भी होती थी। लेकिन, अब गांवों में तालाब कम दिखते हैं। तालाबों को नया जीवन देने और जलस्तर सुधारने के लिए मनरेगा के तहत तालाबों की खुदाई, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया। इसमें हर साल कई गांवों में तालाबों को विकसित और संरक्षित किया जाता है। इस साल भी जिले में 115 तालाबों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और खुदाई का कार्य किया जाएगा। डीसी मनरेगा प्रभुदयाल ने बताया कि जिले में 115 तालाबों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण व खुदाई का कार्य प्रस्तावित है। इसमें हर तालाब पर औसतन करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।