रामपुर। माह- ए- रमजान में रविवार को दो अशरे पूरे हो गए। मुस्लिम समाज के लोग दिन-रात इबादत कर अल्लाह का नाम ले रहे हैं। इस बीच कई जगह तरावीह की नमाज में कुरान मुकम्मल हुआ।
शनिवार रात कोठी जब्बार खां में खत्म-ए-कलाम-पाक हुआ कारी महताब अहमद खां ने कुरआन की तिलावत की और सामा के फ़राइज फैजान खान ने अंजाम दिए। कुरान मुकम्मल होने पर इमाम जामा मस्जिद मौलवी फैजान खां ने बिसारत अफ़रोज खिताब करते हुऐ कहा कि अगर किसी साहब के तीन या चार साहबजादे हैं तो एक को हाफ़िज-ए-कुरान जरूर बनाएं, और उसको अल्लाह की राह में लगाएं। कहा कि खूब कसरत से जकात दें और ईद की नामाज अदा करने से पहले रोजों का फ़ितरा जैसे ढाई किलो गेहूं या उसकी कीमत गरीबों को अदा करने से ही रोजे मुकम्मल होंगें। शहर और मुल्क में अमन चैन और तरक्की की दुआ की।
इस दौरान फैसल खां लाला, सलीम खां, साजिद लाला, हारून खां, सबाहत खां, माजिद खां, खलील खां, फ़िरोज खां, मोनिस खां, मोईद खां, शाहिद खां, नौमान खां, आरिफ खां, बबलू खां, आदिल खां आदि मौजूद रहे।
इसके साथ ही ज्यारत हलके वाली में भी शनिवार रात कुरान मुकम्मल हुआ। यहां पर कुरान की तिलावत हाफिज फुजैल ने की और सामा के फराइज हाफिज आलिम खां ने अंजाम दिए। इस मौके पर मौलाना सैयद फैजान मियां ने रोजे की अहमियत बयां करते हुए कहा कि रोजे हर मुसलमान पर फर्ज हैं। रोजे में अल्लाह सब गुनाह माफ कर देता है, इसलिए रोजे रखें और इबादत करें। क्योंकि रोजे में की गई इबादत का कई गुना सवाब मिलता है। रोजे में जकात करें और अपने गुनाहों के लिए अल्लाह से माफी मांगे। इसके बाद मुल्क की तरक्की व अमन के लिए दुआ की गई। इस दौरान अकरम खां, कलीम, जफर खां, हाफिज नवाजिश, वाहिद हुसैन, रजमी खां, शाहिद खां, महर शाह खां, राशिद, मुकर्रम खां, कामिल खां आदि मौजूद रहे।