रामपुर। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर चल रहे आंदोलन के बाद अब शासन भी सख्त हो गया है। इसके तहत छह फरवरी की हड़ताल के क्रम में अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया है। साथ ही वीडियो या फोटोग्राफ में दिख रहे हड़ताली शिक्षकों की भी जानकारी अलग से मांगी है।
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर छह फरवरी से कर्मचारियों और शिक्षकों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया गया था। इसके बाद सरकार भी हरकत में आ गई, जिस पर सरकार ने एस्मा कानून लागू कर दिया। इसके तहत नो वर्क नो पे का नियम भी लागू हो गया। छह फरवरी की हड़ताल और इसमें शामिल शिक्षकों की तादाद को देखते हुए शासन अब पूरी तरह से एक्शन के मूड में है। इसको लेकर बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को निर्देश जारी किए हैं कि छह फरवरी को हड़ताल में शामिल कितने शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की क ाररब ़वाई की गई है। साथ ही शिक्षकों की वेतन कटौती एवं सेवा समाप्ति का ब्यौरा भी मांगा है। निदेशक ने कहा है कि हड़ताल के दौरान सामने आए वीडियो एवं फोटोग्राफ के जरिए भी शिक्षकों की पहचान की जाए। निर्देश दिए हैं कि हड़ताल के दौरान शिक्षण प्रक्रिया भंग करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी अपने स्तर से कार्रवाई करें। आदेश मिलने के बाद स्थानीय स्तर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।