रामपुर। नगर पालिका द्वारा भेजे जा रहे नोटिसों से शहर के लोग परेशान हैं। ऐसे नोटिस भी पहुंचे हैं, जिनमें न तो भवन स्वामी का नाम है और न ही कोई जानकारी। यही वजह है कि 32 हजार नोटिसों के मुकाबले 15 हजार से ज्यादा आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं, जिनके निस्तारण में ही पालिका के पसीने छूट रहे हैं।
रामपुर नगर पालिका में 43 वार्ड हैं और छह लाख से अधिक की आबादी बसर करती है। अभी पालिका के जीआईएस सर्वे के अनुसार संपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। इसके साथ पालिका उन लोगों को नोटिस भेज रही है, जिनका बकाया है। बकायेदारों को बाकायदा घर जाकर भी नोटिस थमाया जा रहा है और अन्य माध्यम से भी भेजा जा रहा है।
इनके नोटिस आने के बाद से लोगों में काफी आक्रोश है। वह इसलिए कि हजारों का बिल और नोटिस लाखों तक पहुंच रहे है। इस पर कई लोगों ने आवाज उठाई थी। जिस पर नगर पालिका ने इसके लिए तरीका निकाला और जिन लोगों को दिक्कत हैं। उनको पालिका में आपत्ति दर्ज कराने के लिए कहा था।
जिसके बाद से लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं और आपत्तियां भी आ रही है। अब तक अगर बात करें तो शहर में 32 हजार लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं और इस पर 15 हजार से अधिक लोग अब तक अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। इन आपत्तियों के बीच कुछ मामले ऐसे आ रहे हैं, जिनमें नोटिस तो घरों में जा रहा है, लेकिन भवन स्वामी का नाम ही अंकित नहीं है।
बस उसमें नोटिस के बारे में बताया गया है और रुपया दर्ज कराया गया है। इनमें आगापुर रोड जोन पांच में कई नोटिस पहुंचे हैं। जिस पर श्री और श्रीमती पर एनए अंकित है। जबकि भूखंड संख्या न्यू प्रापर्टी लिखा गया है। इसके अलावा न तो मोबाइल नंबर है। इसके अलावा अन्य कई नोटिस ऐसे हैं जो इस तरह से घरों में अंदर भेजे जा रहे हैं। अब ऐसे में लोग इसको लेकर आक्रोशित हैं कि उनका नाम न होने पर उनको नोटिस कैसे भेजा जा सकता है।
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नोटिस भेजने का एक प्रावधान यह भी है कि जो घर लंबे समय से बंद रहता है, उसको उसकी जीआईएस आईडी के नंबर से भी नोटिस भेजा जाता है। यदि मकान मालिक नहीं होगा और उसका घर बंद होगा तो उसको इस तरीके से भी नोटिस पहुंचा होगा।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका