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Rampur News: नगर पंचायत की भूमि पर बनीं 40 साल पुरानी 15 दुकानें तोड़ीं

Thu, 08 May 2025 01:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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शाहबाद। डीएम जोगिंदर सिंह के निर्देश पर तहसीलदार राकेश कुमार चंद्र और ईओ पुष्पेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए करीब 40 साल पुरानी 15 दुकानें एक जेसीबी से धराशायी कर दी हैं। इन दुकानों को लेकर नगर पंचायत से मुकदमा चल रहा था। मुकदमा हारने के बाद विपक्षियों के विरुद्ध ये बड़ी कार्रवाई की गई, जो देर रात तक चलती रही।
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रामलीला मैदान के सामने भूमि के बंजर में करीब 15 दुकानें और एक हॉल बना हुआ था। दो दिसंबर 2024 को इन दुकानों को अवैध करार देते हुए लाल निशान लगाए गए थे। जिसके बाद बेदखली का मुकदमा तहसीलदार कोर्ट में भी चल रहा था। इन अवैध दुकानों पर मलिकाना हक जताने वाले राजेश गुप्ता का नगर पंचायत से मुकदमा चल रहा था। इस मुकदमे को राजेश गुप्ता हार गए थे, जिसके बाद बुधवार सुबह इन दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन, दुकानों में बैठे कब्जेदारों का अधिकारियों को विरोध झेलना पड़ा। रात आठ बजे से दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। मुख्य रोड पर बनी आठ दुकानें, गैलरी में बनी और पीछे बनी कुल 15 दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। विरोध के बीच सभी दुकानें तोड़ दी गई। यह कार्रवाई देर रात तक होती रही। हालंकि, तहसीलदार ने आठ दुकानों को तोड़ने की बात कही है। साथ ही यह भी बताया गया कि जिस भूमि से दुकानें तोड़ी गई हैं, उस भूमि में बंजर 200 मीटर, गूल 100 मीटर और नॉन जेडए की 400 मीटर जगह है।


राजेश गुप्ता मुकदमा हार चुके है। जिसके बाद इन दुकानों को तोड़ा गया। कब्जेदार दुकानें खाली नहीं कर रहे थे। जिसके बाद दुकानें खाली कराई गई और अवैध आठ दुकानें तोड़ दी गई हैं।
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राकेश कुमार चंद्र, तहसीलदार


मालिक मुकदमा हारे, किराएदारों ने तोड़फोड़ का किया विरोध
शाहबाद। रामलीला मैदान के सामने बनी दुकानों पर राजेश गुप्ता का नगर पंचायत से मुकदमा चल रहा था। तहसीलदार के अनुसार यह मुकदमा राजेश गुप्ता हार गए। जिसके बाद बेदखली की करवाई के दौरान बुधवार दिन में तहसीलदार और ईओ पहुंचे थे। दुकानों को तोड़ने आए अधिकारियों को देखकर दुकानदार भड़क गए। दुकानदारों ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई करने का आरोप लगाया। हालांकि, तहसीलदार ने बताया कि राजेश गुप्ता मुकदमा हार चुके है। इसलिए दुकान तोड़ते समय राजेश गुप्ता नहीं आए, लेकिन, कब्जेदारों ने दुकानें तोड़ने का खूब विरोध किया। संवाद

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दुकानें टूटने के बाद शटर उठाने को आमने-सामने
देर रात आठ बजे से अवैध दुकानें तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानें टूटने के बाद जब दुकानों से शटर निकाले गए, तब दुकान के कब्जेदार और मलिकाना हक जताने वाले लोग आमने सामने आ गए। जिसके बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और शटर नहीं उठने दिया। संवाद

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अब तक 17 स्थानों से हटा अवैध कब्जा
ईओ पुष्पेंद्र कुमार राठौर ने बताया कि वह शाहबाद से अब तक 17 स्थानों से अवैध कब्जे हटाए गए है। इससे पूर्व में तीन मंजिला बिल्डिंग समेत कई अवैध निर्माण गिराए जा चुके हैं। संवाद
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