एक साल पहले तैयार हुई यूनिट अब तक नहीं हुई चालू, यूनिट परिसर में चारों ओर उग आई हैं झाड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। घायल मरीजों के उपचार के लिए 1.45 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया ट्रॉमा सेंटर (कंप्रैहेंसिव मेडिकल सर्जिकल एंड एक्सीडेंटल इमरजेंसी यूनिट) अब तक चालू नहीं हो सका है। लगभग एक साल पहले तैयार हो चुका यह सेंटर फिलहाल शोपीस बना हुआ है।
शासन की ओर से हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस यूनिट के निर्माण पर 1.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद यूनिट शुरू नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल में गंभीर रूप से घायल मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाने के कारण उन्हें बाहर रेफर करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए शहर के चादर वाला बाग में कंप्रैहेंसिव मेडिकल सर्जिकल एंड एक्सीडेंटल इमरजेंसी यूनिट का निर्माण कराया गया था।
जनवरी में यूनिट का कार्य पूरा होने के बाद सीएमओ की ओर से 30 जून को इसे सीएमएस के हैंडओवर कर दिया गया था। इसके बावजूद अब तक यूनिट का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में यूनिट परिसर में चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं और देखरेख के लिए अभी तक किसी की तैनाती नहीं की गई है।
वर्ष 2022 में इस यूनिट को मंजूरी मिली थी। यूनिट तैयार होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल मरीजों को जिले में ही बेहतर उपचार मिल सकेगा, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी है।
कंप्रैहेंसिव मेडिकल सर्जिकल एंड एक्सीडेंट यूनिट को तैयार होने के बाद यूनिट में स्टाफ की मांग के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। इसके अलावा 30 जून को यूनिट सीएमएस के हैंडओवर कर दी गई। इस यूनिट का संचालन सीएमएस की ओर से किया जाएगा। -डॉ. दीपा सिंह, सीएमओ