रामपुर। नए सत्र में सिर्फ वास्तविक गन्ना किसानों के ही गन्ने की तौल होगी। इसके लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण से लेकर अन्य कवायद की जा रही हैं। वहीं गन्ना माफिया और फर्जी गन्ना किसानों पर शिकंजा कसने के लिए अब सर्वे के आधार पर भूमि के क्षेत्रफल और गन्ना किसानों की जानकारी का मिलान किया जा रहा है जिससे फर्जीवाड़ा रोका जा सके।
गन्ना आयुक्त ने नए पेराई सत्र में बाहरी गन्ना न तुलने और गन्ना माफिया पर पूर्णरूप से शिकंजा कसने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद जिले में गन्ना विभाग सक्रिय हो गया है। गन्ना किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण कराए जा रहे हैं और इस बार पर्ची भी मिल प्रशासन के स्थान पर गन्ना समिति की ओर से बांटी जाएगी। जिससे सिर्फ वास्तविक गन्ना किसान का गन्ना ही तौला जा सके और वास्तविक गन्ना किसान की फसल खेत में ही न रह जाए। इसके बाद अब सर्वे के आधार पर क्रास चेकिंग का काम शुरू कर दिया गया है। जिसमें कुल भू-जोत व गन्ना क्षेत्रफल के आंकड़े का मिलान किया जा रहा है। भू-जोत के सत्यापन के साथ ही किसानों के भू-अभिलेख और सर्वे के आंकलन के आंकड़ों का मिलान हो रहा है। फर्जी पाए जाने पर संबंधित किसान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से उनके रकबे और गन्ना फसल किए जाने वाले रकबे का घोषणा पत्र भी लिया जा रहा है। घोषणा पत्र न देने पर संबंधित किसान का गन्ना नहीं तौला जाएगा।
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-फर्जी गन्ना किसान और गन्ना माफिया पर शिकंजा कसने के लिए चिन्हीकरण किया जा रहा है। इस दौरान गलत सूचना पर कार्रवाई की जाएगी। -हेमराज सिंह, जिला गन्नाधिकारी।