रामपुर। जल संरक्षण वर्तमान की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए बारिश के जल का तालाबों में संचयन एवं संरक्षण की दिशा में शासन स्तर से अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। कैच द रैन अभियान बारिश के पानी को संरक्षित करने की दिशा में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज के नेतृृत्व में जनपद के तालाबों का जीर्णोंद्धार का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही अभियान को गति प्रदान करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों द्वारा तालाबों का स्थलीय निरीक्षण करके सुंदरीकरण की स्थिति और गुणवत्ता की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने विकास खंड चमरौआ के दनियापुर शंकरपुर एवं कल्याणपुर तथा विकास खंड मिलक के अताईनगर और क्योरार स्थित तालाबों पर जीर्णोंद्धार कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चमरौआ के कल्याणपुर स्थित तालाब पर कार्य प्रारंभ न होने के कारण तकनीकी सहायक का वेतन रोकने तथा रोजगार सेवक को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। मिलक के क्योरार स्थित तालाब पर भी कार्य प्रारंभ न होने के कारण ग्राम पंचायत सचिव का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तालाबों के जीर्णोंद्धार और सुंदरीकरण के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डीसी मनरेगा प्रभुदयाल ने बताया कि मनरेगा के अन्तर्गत जनपद में चिह्नित 140 तालाबों का जीर्णोंद्धार एवं सुंदरीकरण कराया जाना है, जिनमें से प्रथम चरण में 27 तालाबों पर कार्य प्रारंभ कराते हुए तालाबों की भूमि की पैमाइश करके अतिक्रमण हटवाना, तालाब के चारों ओर पौध रोपण कराना और तालाब की खुदाई आदि कार्यों को मूर्त रूप देने के लिए ग्राम पंचायत सचिव और लेखपाल को नोडल के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनपद के चिह्नित 140 तालाबों पर जीर्णोंद्धार का कार्य 30 जून तक पूर्ण कराया जाना है।