रामपुर। शहजादनगर थाना क्षेत्र में घर में घुसकर फायरिंग और घर में आग लगा देने के मामले में अदालत ने शहजादनगर क्षेत्र के नरखेड़ा के प्रधान समेत पांच लोगों को दस-दस साल की कैद और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले में 13 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
जानलेवा हमला और घर में घुसकर आगजनी करने का यह मामला शहजादनगर थाना क्षेत्र के नरखेड़ा गांव का है। नरखेड़ा गांव में जोगा सिंह ने गांव में ही दो लोगों से जमीन खरीदी थी। इस जमीन को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते 18 लोगों ने 16 सितंबर 2010 को जोगा सिंह के घर पर धावा बोल दिया था। इस हमले के दौरान जमकर फायरिंग हुई थी। साथ ही लाठी डंडे भी चले। हमलावरों ने मकान में आग लगा दी थी। साथ ही खेत को भी नुकसान पहुंचाया था। हमले में जोगा सिंह का भाई लक्खा सिंह भी बुरी तरह जख्मी हो गया था। इस मामले में जोगा सिंह की ओर से शहजादनगर थाने में 18 लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की तफ्तीश की और फिर इसकी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सतीश चंद्र ने वादी समेत कुछ छह गवाहों को पेश किया साथ ही मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की। उन्होंने आरोपियों को सजा देने की मांग की,जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों को पुलिस ने गांव की रंजिश के आधार पर फंसाया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता सतीश चंद्र ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में नरखेड़ा के प्रधान इंद्रपाल सिंह, जागन लाल, सोहन लाल, विक्रांत सिंह व सुरेश कुमार को दस-दस साल की कैद और 33-33 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। बताया कि जुर्माना की आधी राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। बताया कि कोर्ट ने हरपाल सिंह, पप्पू लाल, दिनेश, राममूर्ति, नरेंद्र कुमार, धर्मपाल, करन लाल, रूप नारायण, राम सिंह, इरफान, जफर, भगवत सरन, नन्हे को बरी कर दिया।