स्वार। क्षेत्र के गांव मीरापुर-मीरगंज के जंगल में रविवार दोपहर अचानक लगी आग ने करीब आधा दर्जन किसानों की गेहूं की फसल को राख कर दिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती रही और लगभग 13 एकड़ फसल जलकर नष्ट हो गई।
मिलकदुंदी और मीरापुर-मीरगंज के बीच खेतों में लगी आग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, हालांकि आशंका है कि किसी राहगीर की सुलगती बीड़ी से आग भड़की। देखते ही देखते आग एक खेत से दूसरे खेत तक फैल गई।
आग की चपेट में अब्दुल सलाम, अब्दुल रहमान और कारी हनीफ की करीब डेढ़ एकड़, आतिफ मियां की लगभग दस एकड़ तथा शाहिद, जाहिद और सुलेमान की करीब 12 बीघा फसल जलकर नष्ट हो गई। किसानों ने ट्रैक्टर में हैरो लगाकर खेतों की जुताई कर आग को आगे बढ़ने से रोका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
घटना से किसानों में मायूसी छाई हुई है। पीड़ितों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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फायर ब्रिगेड देर से पहुंची
अग्निकांड की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई, जबकि फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई। तब तक किसानों ने खुद ही आग पर काबू पा लिया था।
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स्वार में अग्निशमन केंद्र का अभाव
तहसील क्षेत्र में हर साल आग की घटनाओं से लाखों रुपये का नुकसान होता है। लोगों का कहना है कि यदि स्वार में अग्निशमन केंद्र होता तो नुकसान कम हो सकता था। वर्तमान में यहां फायर स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। तहसीलदार आकाश संत ने बताया कि कानूनगो जहीन आलम को मौके पर भेजा गया है। करीब 13 एकड़ फसल के नुकसान की रिपोर्ट कृषि विभाग को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को मुआवजा मिल सके।