रामपुर। जिला कारागार में बंदियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कवायद की जा रही है। जेल प्रशासन के प्रयास से जेल में मौजूद साक्षर बंदी न सिर्फ शिक्षा ले रहे हैं बल्कि हाई स्कूल, इंटर कर रहे हैं। जेल में इस समय 117 कैदी-बंदी पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें से सात बंदियों ने बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भी भरे हैं। जेलर सुनील सिंह ने बताया कि जेल में कक्षा पांच के बच्चों को कैदी, बंदी पढ़ा रहे हैं। कहा कि जो कैदी, बंदी पढ़ रहे हैं, उन पर गंभीर आरोप हैं। अब पढ़ाई कर रहे हैं।
इंग्नू सेंटर खोलने के लिए किया है पत्राचार
जेलर सुनील सिंह ने बताया कि जेल में कई कैदी-बंदी पढ़ना चाहते हैं। इन्हें पेपर देने के लिए नहीं ले जाया जा सकता है। इस कारण इंग्नू से सेंटर खोलने के लिए पत्राचार किया गया है। सेंटर मिल जाएगा तो बहुत कैदी और बंदियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा भी मिल जाएगी।
बंदी ने बनाया एंटी थेफ्ट सायरन, जेल में हो रहा है प्रयोग
बंदी करन पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वे लंबे समय से जेल में है। जेल में आने के बाद उसने जेल प्रशासन से उपकरण मंगाए। इन उपकरणों की मदद से एंटी थेफ्ट सायरन बनाया है। यह सायरन बहुत कारगर साबित हो रहा है। जेलर सुनील सिंह ने बताया कि जेल में इस सायरन का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एक बंदी जितेंद्र ने सोलर पैनल की उपयोगिता में प्रोजेक्ट भी बनाया है। कहा कि इन सभी प्रोजेक्ट को बड़ी प्रदर्शनी में रखा जाएगा।
पुरुष
जेल में 117 बंदी पढ़ रहे हैं जेल में
- इसमें 55 किशोर, 15 किशोरियां भी हैं
इन कक्षाओं में इतने कैदी-बंदी पढ़ रहे हैं
कक्षा - पुरुष महिला
कक्षा पांच 55 15
कक्षा आठ 40
कक्षा 10 05
कक्षा 12 02
जेल में पढ़ाई के साथ ये कार्यक्रम भी होते हैं -
- खेल एवं शारीरिक गतिविधियां, योग
- किशोर बैरक में योग, प्रार्थना, पॉइंट मीटिंग एवं खेलकूद
- स्काउट-गाइड गतिविधियां
- प्रयोगात्मक एवं प्रोजेक्ट कार्य