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फ्लैग-परिषदीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की क्वालिटी निकली खराब

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जांच में खाने के नमूने फेल
रामपुर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। स्कूल में बच्चों को घटिया नमक, मिर्च व तेल से तैयार भोजन परोसा जा रहा है, जिससे बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। इसका खुलासा मिड डे मील की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट में हुआ है। लैब की जांच में इन खाद्य पदार्थों के पांच नमूने फेल हो गए हैं।
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परिषदीय स्कूलों में बच्चों की सेहत बनाने के लिहाज से मिड डे मील का वितरण किया जाता है। मिड डे मील का वितरण गांव में स्कूल प्रबंध समितियां व शहर में एनजीओ के माध्यम से कराया जाता है। मगर, मिड डे मील बांटे जाने में भी खेल हो रहा है। वितरण की व्यवस्था में जहां मनमानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। मिड डे मील का वितरण में घपला किया जा रहा है। मिड डे मील में इस्तेमाल होने वाले खाद्य घटिया निकल रहे हैं, जिसकी वजह से बच्चों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। गुणवत्ता पूर्ण मिड डे मील बच्चों तक पहुंच सके इसके लिए शासन ने खाद्य एवं सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थो की सैंपलिंग के निर्देश दिए थे,जिसके बाद एफएसडीए की टीम ने जिले के तमाम स्कूलों में छापेमारी कर सौ से ज्यादा नमूने फरवरी माह में भरे थे,जिनमें से 35 खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट अब मिल गई है। पांच खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट फेल हो गई है। लैब से मिली रिपोर्ट के मुताबिक जांच में लाल मिर्च, नमक व तेल के नमूने फेल हो गए। घटिया मिड डे मील का वितरण मिलक क्षेत्र में ही हो रहा है। खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने के बाद मामले की रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा विभाग ने बीएसए को भेजते हुए इसमें कार्रवाई की संस्तुति की है।
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