रामपुर। तहसील सदर में बैठने वाले अधिवक्ताओं और कातिबों ने नई तहसील में स्थित रजिस्ट्री दफ्तर को पुराने तहसील भवन में ही शिफ्ट करने की मांग की है। इसको लेकर सीएम को ज्ञापन भेजा गया है। वकीलों और कातिबों ने डीएम के माध्यम से सीएम को पत्र भेजा है,जिसमें कहा कि उप निबंधक कार्यालय पहले पुरानी तहसील में था। मगर, पिछली सरकार में इस कार्यालय को नई तहसील में शिफ्ट कर दिया गया था,यहां पर दफ्तर की न तो अपनी बिल्डिंग है और न ही बिजली कनेक्शन,जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कत होती है। दफ्तर के तमाम काम पुराने दफ्तर से ही होते हैं,जिसके चक्कर में लोगों को लंबा फेर लगाना पड़ता है। लोगों को खासी दिक्कत हो रही है। उन्होंने रजिस्ट्री दफ्तर को पुराने तहसील भवन में ही शिफ्ट करने की मांग की है। मांग करने वालों में प्रमोद कुमार, अमरनाथ, संजू अग्रवाल, शिवालय सक्सेना, राधाकृष्ण, शहनावाज खां, प्रवीन अग्रवाल, अन्ीस उस रहमान आदि के नाम हैं।
स्टांप वादों का निस्तारण न्याय पालिका करे
रामपुर। जनसमर्थन दल ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर कहा कि स्टांप की कमी के वादों का निस्तारण न्याय पालिका की ओर से कराया जाए। कहा कि यह राज्य सरकार के आदेश पर दर्ज होते हैं और इनका निस्तारण राज्य सरकार के अधिकारी करते हैं,जिससे न्याय नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि न्याय पालिका की ओर से इन वादों का निस्तारण कराने के आदेश जारी किया जाए। इस मौक पर संगठन के अध्यक्ष प्रदीप सक्सेना, राजीव नंदा, अनिल अग्रवाल, राम प्रसाद, अमित, अभिषेक सक्सेना, भूरा अली, जगदीश, अतुल सक्सेना, हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
राशन विक्रेता ने लगाया झूठा फंसाने का आरोप
रामपुर। शहजानगर थाना क्षेत्र के दुर्गनगला गांव की राशन विक्रेता असमत जहां ने एसपी को पत्र भेजकर कहा कि गांव के एक दलाल पूर्ति अफसरों के साथ मिलकर उसे राशन की कालाबाजारी में झूठा फंसाया है। वह नियमित राशन बांटती है। उसने इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराने की मांग की है।
ढकिया चौकी पुलिस की शिकायत
रामपुर। शाहबाद के ढकिया चौकी क्षेत्र के लोगों ने पुलिस पर मारपीट करने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। एसपी को भेजे पत्र में कहा कि वह मंगल की बाजार के पास पेड़ के नीचे बैठे थे। इस बीच ढकिया चौकी पुलिस कर्मी उनके पास आए और उनके साथ गाली गलौज करने लगे साथ ही मारपीट भी की। लोगों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत करने वालों में दिलशाद मंसूरी, भूरे सैफी, वाजिद खां, नफीस खां आदि मौजूद रहे।