बाबा रामदेव की जुबान एक बार फिर फिसल गई है। चुनाव की तैयारियों में जुटे बाबा ने उत्तर प्रदेश की राजधानी में कई ऐसे बयान दिए, जिनकी सफाई देना उनके लिए मुश्किल साबित हो सकता है।
बाबा बुधवार को युवा भारत कार्यकर्ता सम्मलेन में शिरकत करने राजधानी पहुंचे थे। उन्होंने सत्संग से पहले प्रेसवार्ता में 'कुत्ते' पर चल रही सियासी बहस और उठापटक को नए मायने दे दिए।
रामदेव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुसलमानों को कुत्ता समझती है और सिर्फ वोट के लिए उन्हें लुभाती-पुचकारती रहती है। यही वजह है कि कांग्रेस के लोगों मोदी के इंटरव्यू को मुसलमानों से जोड़ा।
जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या ऐसे बयानों के पीछे राजनैतिक फायदे की मंशा है, तो उन्होंने कहा कि वह कभी भी देश की सभी सीटों से अपने कार्यकर्ताओं को खड़ा कर सकते हैं, लेकिन वह राजनीतिक पद नहीं लेना चाहते।
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रामदेव इन बयानों को फायदा भारतीय जनता पार्टी को पहुंचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। हालांकि, रामदेव ने यह भी साफ कर दिया कि वह सिर्फ काले धन को चुनावी मुद्दा बनाएंगे
रामदेव ने राहुल गांधी को भी नहीं बख्शा। उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भोंदू हैं और उन्हें ख्वाब में भी नरेंद्र मोदी से डर लगता है। उन्होंने यहां तक कह डाला कि ऐसे भोंदू को कोई वोट क्यों देगा।