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खुदकुशी करने वाले गन्ना किसान के घर जाएंगे राजनाथ

Tue, 03 Dec 2013 12:19 AM IST
अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
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कर्ज और बीमारी से तंग होकर खुदकुशी करने वाले गन्ना किसान सत्यपाल के परिवार वालों का हाल जानने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह मंगलवार को भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम बस्तौली आएंगे।
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भाजपा नेता पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा ने बताया कि राजनाथ दिल्ली से निजी विमान से यहां पलिया स्थित हवाई पट्टी पर मंगलवार सुबह 10.40 बजे पहुंचेंगे।

यहां से वह कार में बस्तौली जाएंगे। सत्यपाल के परिवार से मुलाकात के बाद वापस पलिया आएंगे और वहां से सीधे दिल्ली रवाना हो जाएंगे। प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ.आशीष कुमार सिंह मैसी, भाजपा विधायक अजय मिश्र टेनी समेत जिले के तमाम वरिष्ठ नेता इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की बदहाली पर राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र पर भी निशाना साधा था।

रविवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर राजनाथ ने केंद्र पर गन्ना किसानों के साथ-साथ अन्य किसानों से भी भेदभाव का आरोप लगाया।

पत्र में उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि न तो गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी की गई और न ही पिछले साल का 2300 करोड़ रुपये का बकाया ही किसानों को दिया गया।
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भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने के साथ ही चेतावनी दी है कि अगर किसानों को उचित लागत मूल्य नहीं मिला तो देश की खाद्य सुरक्षा भविष्य में खतरे में पड़ जाएगी।

पत्र में राजनाथ ने उत्तर प्रदेश में बीते एक माह से जारी गन्ना किसानों के आंदोलन और इसके संदर्भ में राज्य सरकार की उदासीनता की निंदा की है।

पत्र में कहा गया है कि राज्य के किसानों की मांग उचित है। मगर इस पर न तो केंद्र संवेदनशील है और न ही राज्य सरकार। न तो किसानों को पिछले साल का पूरा भुगतान मिला है। और न ही इस साल खरीद शुरू हो पाई है। इसलिए किसान गन्ने की फसल के बाद अगली फसल लगाने के बारे में सोच भी नहीं पा रहे।

इसी पत्र में राजनाथ ने लगे हाथों केंद्र की कथित किसान विरोधी नीति की जमकर आलोचना की। बीते कुछ सालों में गेहूं और चावल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि को बेहद मामूली बताते हुए राजनाथ ने इसे केंद्र सरकार की किसानों के प्रति लापरवाही करार दिया।
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