गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के ऐलान की संभावना को देखते हुए अब कांग्रेस के अंदर भी राहुल गांधी को अगले पीएम के तौर पर पेश करने का राग शुरू हो गया है।
हालांकि राहुल को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने को लेकर पार्टी के अंदर ही जबरदस्त असमंजस की स्थिति है। मगर मोदी को टक्कर देने के लिए पार्टी उपाध्यक्ष के पक्ष में हवा तेज करने की कोशिश में कांग्रेस के मैनेजर जुट गए हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह खुद राहुल का स्कोर बढ़ाने के लिए बैटिंग करने में जुट गए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मंगलवार को राहुल को भविष्य का प्रधानमंत्री करार दिया।
वहीं असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने राहुल की पीएम के तौर पर उम्मीदवारी का समर्थन किया है। गोगोई ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा के बारे में सोनिया गांधी को भी बताया था।
शीला और गोगोई ही नहीं मंगलवार को केंद्रीय राज्यमंत्री सचिन पायलट ने भी कहा कि 2014 के चुनाव की कमान राहुल गांधी ही संभालेंगे।
राहुल की पीएम की कुर्सी पर उम्मीदवारी को लेकर हर कांग्रेसी मुंह खोलने के लिए तैयार बैठा है। मगर पार्टी में असमंजस बरकरार है।
अंदरखाने दो तरह की राय चल रही है। एक की राय राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करने के पक्ष में है तो एक की नहीं।
पक्षकारों का तर्क है कि राहुल का नाम तय होने के बाद युवा पार्टी की ओर आकर्षित हो सकता है। साथ ही मुस्लिम वोट भी कांग्रेस के पक्ष में जुट सकता है।
वहीं उम्मीदवारी के ऐलान का विरोध करने वालों का कहना है कि महंगाई और भ्रष्टाचार की बदनामी के बीच होने वाले अगले लोकसभा चुनाव से पहले राहुल को सामने रखना ठीक नहीं होगा। इससे उनके भविष्य पर भी असर पड़ सकता है।