बछरावां (रायबरेली)। सलोन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले में अभी कार्रवाई चल रही है कि अब क्षेत्र में फर्जी निवास प्रमाणपत्र बनवाने का मामले सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने सोमवार रात को एक युवक को गिरफ्तार किया है।
एक सप्ताह पूर्व लेखपाल ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र को पकड़ा था। इसकी जानकारी एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने जांच कराई गई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
बताते हैं कि महाराजगंज एसडीएम कार्यालय से संबद्ध लेखपाल शैलेंद्र किसी कार्य से एक सप्ताह पूर्व बछरावां डाकघर गए थे। इस दौरान उन्होंने आधार कार्ड बनवाने आए एक व्यक्ति और आधारकार्ड बना रहे कंप्यूटर ऑपरेटर के बीच निवास प्रमाणपत्र के गलत होने की बातचीत सुनी। इस पर लेखपाल ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र को कब्जे में ले लिया।
आधार कार्ड बनवाने आया व्यक्ति मौके से भाग निकला। लेखपाल ने इसकी सूचना उप जिलाधिकारी सचिन यादव को दी। उप जिलाधिकारी ने निवास प्रमाणपत्र की जांच कराई तो पता चला कि निवास प्रमाणपत्र की संदर्भ संख्या लालगंज तहसील से जारी हुई है। नाम और पता उन्नाव जनपद के मौरावां क्षेत्र का है।
निवास प्रमाणपत्र को कंप्यूटर से संशोधित कर समोधा गांव स्थित सहज जनसेवा केंद्र से जारी किया गया है। फर्जी निवास प्रमाणपत्र पाए जाने पर उप जिलाधिकारी के आदेश पर क्षेत्रीय लेखपाल विकास कुमार ने गत सोमवार को बछरावां कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने समोधा गांव स्थित सहज जनसेवा केंद्र में पड़ताल की। पता चला कि इचौली गांव का रहने वाला राजा जनसेवा केंद्र में बैठकर निवास प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज बनाता है। पुलिस ने सोमवार रात को राजा को गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
उप जिलाधिकारी सचिन यादव ने बताया कि जांच कराई गई तो पता चला कि कंप्यूटर से निवास प्रमाण पत्र को संशोधित किया गया है। कोतवाल पंकज त्यागी ने बताया कि गिरफ्तार युवक से पूछताछ की जा रही है। अभी तक कितनी संख्या में फर्जी दस्तावेज बनाए गए और कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।