सतांव (रायबरेली)। एक युवक की गला दबाकर हत्या के बाद उसका शव पेड़ के नीचे फेंक दिया गया। मां की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गुरुबख्शगंज इलाके के रामनगर मजरे पोरई की रहने वाली राजकुमारी ने बताया कि उनका पुत्र सुरेंद्र कुमार उर्फ लाला (25) मजूदरी करता था। रविवार शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात वापस नहीं आया था। वह पूरी रात बेटे का इंतजार करती रही। सुबह चंदई रघुनाथपुर चौराहा के पास एक बाग में बेटे का शव पड़ा मिला। शव के पास ही बाइक पड़ी थी। सुरेंद्र के गले में चोट के निशान थे।
पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके पर आकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकार युवक की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। वारदात के खुलासे के लिए थाना पुलिस के अलावा सर्विलांस, एसओजी टीम को लगाया गया है।
फोन कॉल बन सकती खुलासे की अहम कड़ी
मां के मुताबिक बेटे के पास शाम को किसी का फोन आया था। फोन आने के बाद उसका बेटा सुरेंद्र घर निकला था, लेकिन लौट कर घर नहीं आया। मृतक सुरेंद्र कुमार के पास आए फोन नंबर के जरिए पुलिस कातिल तक पहुंच सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवक नशे का आदी था।
पिता की मौत के बाद मां का सहारा चला गया
लगभग आठ साल पहले सुरेंद्र के पिता रामबहादुर की मौत हो जाने के बाद बूढ़ी मां राजकुमारी का एकमात्र सहारा था। बिलखती मां रोते-रोते बेसुध हो जा रही थी। बार-बार कह रही थी कि उसका बुढ़ापे का सहारा छिन गया। अब जिंदगी कैसे कटेगी। घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा। विधाता ने सबकुछ छीन लिया। सुरेंद्र की दो बहनें सचिन कुमारी व पुटुन हैं, जिनकी शादी हो चुकी हैं। भाई की मौत की खबर सुनकर घटनास्थल पर बिलखते हुई पहुंचे बहनें अचेत हो गई। बिलखती बहनों के मुंह से बरबस निकल रहा था कि अब किसके कलाई में राखी बांधूंगी।
लगभग पांच माह से नही आई थी पत्नी...
सुरेंद्र की शादी लगभग दो वर्ष पहले उन्नाव के मौरावां इलाके के जिंदाखेड़ा की सुभाषिनी से हुई थी। मां ने बताया कि पत्नी लगभग पांच माह से ससुराल नहीं आई थी। दो दिन पहले सुरेंद्र ससुराल से लौटकर आया था। पत्नी और बेेटे के बीच क्या बात हुई थी, इस बारे में सुरेंद्र ने कुछ नहीं बताया था।