नए शासनादेश से जहां पेंशनरों को काफी सहूलियत मिलेंगी। वहीं कोषागार के अधिकारियों को पसीना नहीं बहाना पड़ेगा। पूर्व में सेवानिवृत्त कर्मचारी कोषागार में जीवित प्रमाण पत्र देकर बैंकों के माध्यम से पेंशन प्राप्त करते थे।
इसके लिए उन्हें तय समय एक नवंबर से 20 दिसंबर तक जीवित प्रमाण पत्र कोषागार में जमा करना पड़ता था। इसके लिए पेंशनरों की भारी भीड़ जमा हो जाती थी।
इससे निजात दिलाने के लिए शासन ने इस नियम को बदल दिया है। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी जिस बैंक से वह पेंशन प्राप्त करते हैं उसी बैंक में भी जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकता है।
खासतौर पर बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखाओं में जिन पेंशनरों का खाता है उन्हें मुख्य शाखा के प्रबंधक से प्रमाण पत्र हस्ताक्षरित करना जरूरी है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी जिस माह में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा किया हैं। अगले साल उसी माह की तारीख के पहले किसी भी समय जीवित होने का प्रमाण पत्र दे सकता है।