रायबरेली। वित्तीय वर्ष बुधवार को खत्म हो गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी कई विभाग करोड़ों का बजट खर्च नहीं कर पाए। हालांकि कोषागार में शाम पांच बजे तक ही पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान के लिए बिल लिए गए। पंचायत चुनाव के लिए जारी अधिसूचना के कारण भी कई विभाग नया काम शुरू न होने के कारण पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए। हालांकि बजट खर्च करने का हरसंभव प्रयास किया गया। बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए।
वित्तीय वर्ष 2020-21 का बुधवार को अंतिम दिन था। शासन ने बीती 25 मार्च तक ही अधिकतम भुगतान करने के आदेश दिए थे। इसके बाद 31 मार्च को पांच बजे तक ही भुगतान के लिए बिल लेने के आदेश दिए गए थे। बुधवार की सुबह से ही ट्रेजरी में भुगतान कराने के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना लगा रहा। कई बिलों में कमियां होने के कारण अधिकारियों को बिलों में सुधार के लिए कोषागार से वापस भी किया गया। शाम तक भुगतान की प्रक्रिया चलने के बाद भी कई विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए।
जिले के यह विभाग नहीं खर्च कर पाए पूरा बजट
विभाग का नाम मिला बजट खर्च बजट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी 9,37,85,084 7,90,67,172
परिवार कल्याण 34,42,94,194 29,30,01,858
आयुर्वेद विभाग 14,83,78,000 12,85,22,570
बेसिक शिक्षा विभाग 5,89,40,61,940 5,77,78,18,441
माध्यमिक शिक्षा 1,17,48,96,492 1,15,37,40,309
समाज कल्याण विभाग 17,75,90,120 13,94,59,243
वन विभाग 15,15,04,023 14,80,42,377
शासन से शाम पांच बजे तक ही भुगतान के लिए बिल लेने के आदेश थे। शाम तक जो भी बिल विभागों से औपचारिकताएं पूरी कराकर मिले उनका भुगतान कर दिया गया। ज्यादातर विभागों का पूरा बजट खर्च हो गया, लेकिन कुछ विभाग पीछे रहे। - जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी