रायबरेली। क्षयरोग की आशंका वाले मरीजों की एक्स-रे जांच अनिवार्य कर दी गई है। इस संबंध में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. रतनपाल सिंह सुमन का निर्देश आने के बाद जिले में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि बीमारी की पहचान का पहला और मजबूत संकेत एक्सरे देता है। इससे न केवल समय पर उपचार शुरू हो पाता है, बल्कि संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलती है।
सीएमओ ने बताया कि शुगर या एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले, नशा या एल्कोहल का सेवन करने वाले, टीबी के पुराने मरीज, टीबी रोगियों के संपर्क में रहने वाले सहित 10 उच्च जोखिम श्रेणियों में आने वाले लोगों में टीबी होने की संभावना अधिक होती है। इन सभी श्रेणियों के व्यक्तियों का अनिवार्य रूप से एक्स-रे कराया जाएगा तथा विवरण निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि ओपीडी में आने वाले उच्च जोखिम वाले मरीजों का विवरण दर्ज कर उनकी पर्ची पर लाल मुहर या सितारा चिह्न लगाया जाएगा। एक्स-रे के लिए रेफर किया जाएगा। जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की भी व्यवस्था की गई है।