रायबरेली। एनटीपीसी की यूनिट नंबर दो में स्टीम वॉल्व को खोलते समय संविदा श्रमिक पर खौलता पानी गिर गया। इससे उसके हाथ और पैर में फफोले पड़ गए। घटना से एनटीपीसी में अफरातफरी मच गई। श्रमिक का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया।फतेहपुर जिले के पूरे दुर्गा लिजुरा बुजुर्ग गांव निवासी उमाकांत (23) एनटीपीसी परियोजना में संविदा श्रमिक हैं।
वर्तमान समय में वह गंगेहरा गुलाल गंज में किराए का मकान लेकर रहते हैं। उसकी ड्यूटी यूनिट नंबर दो के अनुरक्षण कार्य में लगी है। यह कार्य एक कंस्ट्रक्शन कंपनी करा रही है। सोमवार को वह यूनिट में लगा स्टीम वॉल्व खोल रहे थे। तभी वह वॉल्व से निकल रहे खौलते पानी की चपेट में आकर झुलस गए। घटना के समय मौके पर कोई अधिकारी या सुरक्षा सुपरवाइजर मौजूद नहीं था। श्रमिक के शोर मचाने पर घटना की जानकारी हुई। घायल श्रमिक का इलाज निजी अस्पताल में कराया गया है।
इस घटना से संविदा श्रमिकों में नाराजगी है। श्रमिकों का आरोप है कि काम करते समय सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे। अकुशल श्रमिकों से मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। मौके पर सुरक्षा सुपरवाइजर भी नहीं रहते हैं। इससे श्रमिक हादसे का शिकार हो रहे हैं। परियोजना के जनसंपर्क अधिकारी ऋषभ शर्मा ने घटना न होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि परियोजना में सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जाती है।