रायबरेली। जिले के प्राथमिक विद्यालयों के ऊपर से निकले बिजली के तारों को हटाया जाएगा। इसके लिए शासन से 174 लाख रुपये बजट आवंटित किया गया है। लाइनें हटने से विद्यालयों में पढ़ने वाले 50 हजार से ज्यादा बच्चों को राहत मिलेगी। जिले में बिजली की लाइनों का मकड़जाल फैला है।
शिक्षा विभाग ने नौनिहालों की जिंदगी दांव पर रखकर करीब 865 प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों को बिजली की लाइनों के नीचे निर्माण करा दिया है। अब इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की जिंदगी दांव पर है। कहीं पर विद्यालय परिसर में पोल लगा है तो कहीं विद्यालय के ऊपर से बिजली के तार निकले हैं। जर्जर और ढीले तार होने से कभी स्पार्किंग, कभी तार टूटने की घटनाएं होती रहती हैं।
ऐसे में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों पर खतरा मंडराता रहता है। विद्यालयों के ऊपर से लाइनों को हटवाने के लिए कई बार शिक्षा विभाग ने लिखापढ़ी की। डीह ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मऊ, जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरे झाम सिंह, हरचंदपुर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल डिडौली के अलावा सलोन, ऊंचाहार, महराजगंज, छतोह, लालगंज, बछरावां समेत अन्य ब्लॉकों में कई विद्यालय ऐसे हैं, जिनके ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरी हैं।
पावर कॉर्पोरेशन ने सर्वे कराया तो करीब 865 विद्यालय ऐसे पाए गए, जिनके ऊपर से बिजली की लाइनें निकली हैं। पावर कॉर्पाेरेशन की ओर से छह माह पहले विद्यालयों के ऊपर से लाइनों को हटवाने के लिए कार्ययोजना तैयार करके शासन को भेजी गई थी। शासन ने लाइनों के हटवाने के लिए धन आवंटित किया है।
कई बार किया गया सर्वे, अब मिला बजट
विद्यालयों के ऊपर से बिजली की लाइनों को हटवाने के लिए कई बार बेसिक शिक्षा विभाग ने पावर कॉर्पाेरेशन को पत्राचार किया। इसके बाद अभियंताओं ने सर्वे कराया। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा। अब लाइनों को हटवाने के लिए बजट आवंटित किया गया। छह महीने पहले पावर कॉर्पाेरेशन की ओर से 865 विद्यालयों के ऊपर से लाइनों को हटवाने के लिए प्रस्ताव तैयार करके भेजा। बजट मिलने के बाद लाइनों को हटवाने के लिए काम कराया जाएगा।
बजट मिलने के बाद शुरू होगा काम
विद्यालयों के ऊपर से निकली बिजली की लाइनों को दूसरी जगह शिफ्ट कराया जाएगा। इसके लिए छह महीने पहले प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। बजट आवंटित हो गया है। जैसे ही बजट मिलता है, लाइनाें को हटवाने का काम शुरू कराया जाएगा।
- नेकी राम, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम