दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में उसके तीन भाइयों को बरी कर दिया। यह फैसला एफटीसी प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अशोक मिश्रा के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतका के पिता वासुदेव निवासी रामनेर मोहद्दीनपुर थाना कोतवाली सदर ने 4 जून 2013 को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी की पुत्री रामजानकी का विवाह घटना के करीब तीन साल पहले बछरावां क्षेत्र के सरौरा निवासी कमल किशोर के साथ हुई थी।
शादी के बाद से दामाद दहेज में टीवी, बाइक आदि की मांग कर बेटी को प्रताड़ित करता था। दहेज की मंाग पूरी न होने पर बेटी को कुएं में डाल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद पति कमल किशोर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
कोर्ट ने बाद में उसके तीन भाइयों पप्पू उर्फ नरेंद्र, कौशल किशोर व सुरेंद्र को भी तलब कर साथ ही ट्रॉयल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पति को सजा सुनाई। वहीं उसके तीन भाइयों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।