बछरावां। हसनपुर गांव निवासी विद्यावती (48) की बुधवार सुबह डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि आपसी विवाद के चलते उसके पति रामनाथ ने वारदात की। महिला पर डंडे से कई वार किए गए, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मृतका के भाई सरवन की तहरीर पर पुलिस ने रामनाथ के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
विद्यावती का मायका बलईमऊ गांव में था। परिजनों के अनुसार, पति से विवाद के चलते वह करीब पांच साल से हसनपुर गांव में अलग घर में अपने दो बेटों रामबहादुर, भैयालाल और बेटियों के साथ रहती थीं। पति रामनाथ भी पड़ोस में अलग घर में रहता था। दोनों बेटों की शादी हो चुकी है।
बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे विद्यावती नित्यक्रिया के लिए खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान रामनाथ ने उन पर डंडे से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने महिला पर लगातार कई वार किए। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें लगीं। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम गांव पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस महिला को सीएचसी बछरावां ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रथमदृष्टया आपसी विवाद में पति द्वारा महिला की हत्या किए जाने की बात सामने आई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
काफी देर तक शव के पास बैठा रहा आरोपी
ग्रामीणों के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी पति काफी देर तक पत्नी के शव के पास बैठा रहा। ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ने के बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों एक ही गांव में अलग-अलग रहते थे, लेकिन उनके बीच संबंध अच्छे नहीं थे और बातचीत भी बंद थी। कुछ ग्रामीणों ने आरोपी के नशे का आदी होने की बात भी कही है। उनका कहना है कि नशे समेत अन्य विवादों के चलते दंपती के संबंध खराब हुए थे। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी करीब आधे घंटे तक शव के पास बैठा रहा। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
पत्नी पर हत्या की कोशिश का लगाया आरोप
पुलिस पूछताछ में आरोपी रामनाथ ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसे मारना चाहती थी। कई बार इसका प्रयास कर चुकी थी। उसने पत्नी के चाल-चलन पर भी आरोप लगाए। रामनाथ के अनुसार, उसने पत्नी को समझाने की कई बार कोशिश की, लेकिन वह उसकी बात नहीं मानती थी और बातचीत भी नहीं करती थी। इसी विवाद के चलते उसने वारदात की बात स्वीकार की है।