रायबरेली। कहीं टिकट को लेकर तो कहीं पाला बदलने को लेकर समाजवादी पार्टी में जबरदस्त खींचतान है। बछरावां सीट से टिकट न मिलने पर जहां सपा के दिग्गज नेता पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने भाजपा का दामन थाम लिया है तो वहीं सलोन सीट पर दो दावेदार मैदान में उतरे हैं।
दोनों उम्मीदवारों ने सपा से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। अब देखने वाली बात ये है कि राष्ट्रीय नेतृत्व किसके नामांकन पर अपनी मोहर लगाता है और कौन अपना पर्चा वापस लेता है।
कहा जा रहा है कि यह मामला सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंच गया है, जहां पर इस पर मंथन चल रहा है। दोनों उम्मीदवारों के समर्थकों ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है।
छह विधानसभा सीटों वाली रायबरेली में समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर शुरू से ही खींचतान रही। स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़कर सपा में आने के बाद ऊंचाहार विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर तनातनी रही। यह मामला कई दिनों तक सुर्खियों में रहा। सरेनी और हरचंदपुर सीट पर भी खींचतान कम नहीं रही।
हरचंदपुर सीट पर सपा के दिग्गज पूर्व मंत्री सुरेंद्र विक्रम सिंह ने पाला बदल लिया और कांग्रेस का झंडा थामकर चुनावी मैदान में कूद पड़े। बछरावां में टिकट न मिलने पर रामलाल अकेला ने भाजपा का दामन थाम लिया। सदर सीट पर भी ऊहापोह चल रहा था, लेकिन नामांकन के दौरान ही सपा ने आरपी यादव को पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया।
सपा ने हार्ट सर्जन डॉ.जगदीश प्रसाद को टिकट दिया गया। यहां पर अंदरुनी खींचतान तो रही, लेकिन खुलकर विरोध नहीं हुआ।
अचानक सपा का तमाशा तब बन गया, जब छह फरवरी को पांचवें चरण में होने वाले चुनाव के लिए सुरेश निर्मल का टिकट पक्का कर दिया गया। इसकी पुष्टि सपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने की थी। टिकट की घोषणा होने पर सुरेश निर्मल ने सात फरवरी को नामांकन दाखिल कर दिया।
आठ फरवरी को उस समय असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब डॉ.जगदीश प्रसाद ने यह कहते हुए मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिया कि अब सलोन से सपा के टिकट पर वहीं चुनाव लड़ेंगे।
एक सीट पर सपा के दो दावेदारों से न सिर्फ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में असमंजस है, बल्कि मतदाता और दूसरे दल के लोग भी हैरत में हैं। अब देखने वाली बात ये है कि सलोन सीट से सपा का खेवनहार कौन बनता है। (संवाद)