रायबरेली। बिजली चोरी रोकने के लिए अभी तक घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे। अब पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी शहर में वाटर मीटर लगेंगे। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए पाइपलाइन बिछाने और पानी की टंकियों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। इस कार्य पर 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अमृत योजना-2 के तहत शहर के वार्ड नंबर 14 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इसके तहत वार्ड के सभी मोहल्लों तिलक नगर, गोरा बाजार, सम्राट नगर, रामविलास नगर, पहलवान वीर बाबा नगर, राजकीय कॉलोनी, कृष्णा नगर, बस्तेपुर, नजरवा ताल, ग्रिबशाह का पुरवा, खटिकाना, वैष्णो नगर, ओम नगर, शिक्षक नगर के नागरिकों को 24 घंटे पानी मिलेगा। योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
योजना के तहत वार्ड नंबर 14 के सभी मोहल्लों में 27 किमी की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। अब तक 12 किमी पाइपलाइन बिछाने का कार्य हो चुका है। पाइपलाइन बिछाने के साथ ही नए नलकूप लगेंगे। पहले से बनी पानी की टंकियों का मरम्मत कार्य भी होगा। इन सब कार्यों पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन मोहल्लों में पेयजल कनेक्शन के साथ ही पानी की बर्बादी न हो, इसके लिए घरों में वाटर मीटर भी लगाए जाएंगे।
इसके तहत शुरू में करीब दो हजार वाटर मीटर लगाए जाने हैं। वाटर मीटर लगाए जाने के बाद नगर पालिका मीटर के अनुसार बिल वसूल करेगी, जिससे काफी हद तक पानी की बर्बादी पर अंकुश लगाया जा सकेगा। यह योजना सफल रही तो आने वाले दिनों में शहर के शेष अन्य 33 वार्डों में भी 24 घंटे पानी की आपूर्ति होने का रास्ता साफ हो सकेगा।
सेंसर बताएगा पानी का लेबल
ओवरहेड टैंक में पानी का लेबल जांचने को स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन) सेंसर लगेगा। जो पानी का लेबल कम होने पर मोटर को स्वत: चालू कर देगा और टैंक भरने पर मोटर को बंद भी करेगा। इससे भी पानी की बर्बादी नहीं होगी और घरों में लगातार पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
शासन से मिले दो करोड़ रुपये
पाइपलाइन आदि बिछाने का काम शुरू करा दिया गया है। काम पूरा होने के बाद घरों में वाटर मीटर लगाने का काम किया जाएगा। योजना पर कुल 11 करोड़ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। शासन की ओर से पहली किस्त में दो करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है।
- अफजल खान, अधिशासी अभियंता, जलनिगम नगरीय