माइनर कटने के बाद बांधने का प्रयास करते किसान।
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राही (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते किसानों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। एक नहीं बल्कि तीन बार रायपुर महेरी माइनर कट चुकी हैं। हर बार किसानों की फसल तबाह होती है। रविवार रात माइनर कटने से करीब 100 बीघा गेहूं की फसल डूब गई। किसानों ने माइनर कटने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इससे किसानों में आक्रोश है। किसानों ने किसी तरह बोरियों में मिट्टी भरकर कटान रोकी।
रायपुर माइनर की सिल्ट सफाई में धन की बंदरबांट की गई। यही वजह है कि टेल तक पानी पहुंचने से पहले ही नहर कट जाती है। गेहूं की बोआई से लेकर अब तीन बार माइनर कट चुकी है। इसके पहले रायपुर महेरी और भदोखर के पास कटान हुई थी। तीसरी बार कोरचंदामऊ के पास कटान हो गई। इससे 100 बीघे फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने नहर कटने की सूचना अधिकारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इस पर किसान खुद फावड़ा लेकर कटान से बह रहे पानी को रोका।
सुरेंद्र कुमार विश्वकर्मा, राजाराम, द्वारिका प्रसाद, सिद्धराम ने बताया कि सफाई के नाम पर केवल धन का बंदरबांट किया जाता है। सिल्ट सफाई की जांच नहीं कराई जाती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि समस्या को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उधर, सिंचाई खंड दक्षिणी के सहायक अभियंता सौरभ चौधरी ने बताया कि नहर कटने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को भेजकर कटान को बंधवाया जाएगा।