डलमऊ। नरौरा बांध से तीन लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांवों की गलियों तक पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई जगह ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग, डलमऊ के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 99.360 मीटर के सापेक्ष 98.910 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से महज 45 सेंटीमीटर नीचे है। बाढ़ प्रभावित चकमलिक, जहांगीराबाद, जमाल नगर मोहिउद्दीनपुर, अंबहा, बबूरा और पूरे रेवती सिंह गांवों में पानी घुस गया है।
ग्रामीण साजन यादव, संतराम दुबे, सर्वेश कुमार और कमलेश ने बताया कि करीब दो हजार बीघे में धान और सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। खेतों में पानी भरे रहने से फसल सड़ने के कगार पर पहुंच गई है। पशुओं के लिए हरे चारे का इंतजाम करने में भी परेशानी हो रही है। एसडीएम डलमऊ प्रीति सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। गंगा का पानी आबादी क्षेत्र में नहीं पहुंचा है।
सीसी रोड पर भरा पानी
सरेनी। कुटिया एहतमाली गांव के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। निसगर से भक्ता खेड़ा जाने वाले आरसीसी मार्ग पर शनिवार को पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पूरे सुकरू, पूरे भुल्ली और पूरे रामप्रसाद गांव भी पानी से घिरने लगे हैं। पूरे सुकरू गांव निवासी अवधपाल ने बताया कि खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब रही हैं। लेखपाल अमर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
सरेनी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कुटिया अहतमाली गांव जाने वाले रास्ते में भरा पानी।
सरेनी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कुटिया अहतमाली गांव जाने वाले रास्ते में भरा पानी।
सरेनी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कुटिया अहतमाली गांव जाने वाले रास्ते में भरा पानी।