जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग की ओर से रविवार को एसजेएस पब्लिक स्कूल में आयोजित भूतपूर्व सैनिक कल्याण पुनर्मिलन समारोह में देश की आजादी में अपना योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मान से नवाजा गया।
कवियों ने उनकी वीरगाथा को सुनाया तो सभी की आंखें नम हो गईं। मुख्य अतिथि सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निदेशक ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन और विशिष्ट अतिथि बैसवारा विकास समिति अध्यक्ष मुकेश सिंह ने सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन किया।
साथ ही शहीद स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि सेना का जवान देश की आन, बान और शान के लिए सब कुछ न्यौछावर कर देता है। विशिष्ट अतिथि ने कहा कि सैनिक परिवारों को हरसंभव मदद करेंगे। इसके बाद सभी लोग एसजेएस स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
यहां पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी एससी कांडपाल, एसके वाजपेयी ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया। एसजेएस के बच्चों ने मराठी नृत्य और गणेश वंदना प्रस्तुत किया।
इसके बाद कवि सम्मेलन हुआ। इसमें डॉ. विष्णु सक्सेना, सरिता शर्मा, आशीष अनल, सोनरूपा विशाल, अनिल चौबे, अभय सिंह निर्भीक, सर्वेश अस्थाना ने शहीदों की याद में देशभक्ति से ओत-प्रोत करने वाली कविताएं सुनाई तो हर किसी की आंखें भर आईं।
कारगिल शहीद राजेंद्र यादव की माता सुंदारा को 15 हजार और उनकी पत्नी ललिता देवी को 22,500 रुपये का चेक और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा राजरानी, धनराजा, कांती देवी, जगत बहादुर सिंह, रघुबीर, शायरा बेगम, मिथलेश, गंगा देवी, रामबहादुर यादव, निर्मला देवी, लक्ष्मी देवी को तीन-तीन हजार का चेक शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।।
वहीं राजवती, गीता, शकुंतला, छिटाना, रामकुमारी, नैमुलनिशां, महाराना, देवराज, धनपती, खलीकुन निशां, बच्ची, नवराजा, हफीजन, सवीरन, रामकली, फातिमा, रघुराजा, जकीरा, राम देवी, भगवंता, अंजू, अमरावती, कृष्ण कुमारी, सियाराजी, राजदुलारी, अरुणा देवी आदि को दो-दो हजार रुपये का चेक और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस मौके पर कमांड हेड क्वार्टर लखनऊ से कर्नल रे, कौशांबी के जिला सैनिक
कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी महानंद रथ, फतेहपुर के प्रमोद कुमार के साथ
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट एसपी दीक्षित, जेपी गुप्ता, जेएन सिंह मौजूद रहे।
जूते पहनकर पहुंचे शहीद स्तंभ
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग परिसर में रविवार को अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। यहां स्थित शहीद स्तंभ में जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के साथ कई लोग पहुंचे और शहीदों को पुष्पचक्र चढ़ाकर या फिर पुष्पाजंलि करके नमन किया, लेकिन किसी ने जूते उतारने की जहमत नहीं उठाई।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी एससी कांडपाल का कहना है कि सही तरीके से शहीदों को पुष्पांजलि करने के साथ नमन किया गया है। शहीद स्तंभ की सीढ़ियों पर जूते पहनकर चढ़ना गलत है।