शासन ने भले ही बालू और मिट्टी खनन पर रोक लगा रखी हो, लेकिन पुलिस के संरक्षण में ही जिले में तेजी से खनन किया जा रहा है। एक माह में अवैध खनन में लिप्त 43 वाहनों को सीज कराया गया।
इससे साफ जाहिर है कि जिले में किस तरह अवैध मिट्टी खनन का धंधा चल रहा है। खनन विभाग इसे रोकने के पीछे नाकाम साबित हो रहा है।
जानकारों के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र में पीएसी कॉलोनी के निकट अवैध खनन होता है। सिविल लाइंस होकर मिट्टी लादकर दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गुजरती हैं, लेकिन पुलिस इन पर कार्रवाई नहीं करती है।
लालगंज कोतवाली क्षेत्र में बालू का खनन हो रहा है। दिन भर वाहन बालू लादकर आते-जाते हैं, लेकिन पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नहीं करती है।
इसी तरह भदोखर थाना क्षेत्र के भुएमऊ, नजरवा ताल, मुंशीगंज पुलिस चौकी के निकट बालू खनन किया जाता है। लेकिन पुलिस इन पर कार्रवाई नहीं करती है।
खनन माफिया के सामने खनन विभाग भी नतमस्तक है। ग्रामीणों के शिकायत पर पुलिस खनन में लगी ट्रॉलियां पकड़ती है, लेकिन बाद में मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मिट्टी व बालू का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है।
एएसपी राममूरत यादव का कहना है कि मिट्टी और बालू के अवैध खनन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई थानेदार लापरवाही बरत रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
खनन अधिकारी सुरेंद्र सिंह बोले कि शासन की ओर से बालू और मिट्टी की खनन पर रोक है। जिस क्षेत्र में मिट्टी खनन होने की जानकारी मिलती है, कार्रवाई की जाती है।
जनवरी में सघन अभियान चलाकर करीब 43 वाहनों को सीज कराया जा चुका है। किसी भी कीमत पर अवैध मिट्टी का खनन नहीं होने दिया जाएगा।