शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बैंती गांव में बुधवार रात दीवार ढहने से एक ही परिवार के तीन लोग मलबे में दब गए। इसमें से किसान की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी, बेटी गंभीर घायल हो गई। पत्नी के हाथ-पैर टूट गए।
हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बारिश के कारण दीवार में सीलन आ गई थी, जिससे हादसा हुआ। सूचना पर एसडीएम, तहसीलदार के साथ पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।
बैंती गांव निवासी कल्लू (30) किसानी करने के साथ मनरेगा श्रमिक था। रात में कल्लू अपनी पत्नी गीता (21) और तीन साल की बेटी राखी के साथ घर के अंदर सो रहा था। इसी दौरान पक्की ईंट की दीवार भरभराकर ढह गई।
कल्लू, उसकी पत्नी गीता और बेटी मलबे में दब गई। रात के वक्त तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मलबे से सभी को बाहर निकालकर सीएचसी पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने कल्लू को मृत घोषित कर दिया।
पत्नी गीता के हाथ-पैर टूटने से उसकी हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर एसडीएम महराजगंज राजेंद्र प्रसाद तिवारी, तहसीलदार सौरभ शुक्ला, थानेदार एलसी सरोज घटनास्थल पर पहुंचे और परिवारीजनों से पूछताछ की।
थानेदार का कहना है कि पक्की ईंट की दीवार कच्चे गारे से बनाई गई थी। बारिश के कारण दीवार में सीलन आई गई थी। रात में अचानक दीवार भरभराकर ढह गई। दीवार ढहने से कल्लू की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दर्द से कराह रही गीता को पति की चिंता थी। उसे याद करके बार-बार गीता रो पड़ती है। कहती है कि उसकी जिंदगी भगवान ले लेते, उसके पति की जिंदगी बक्श देते। अब क्या होगा। परिवार की गाड़ी कैसे चलेगी। बेटी की देखभाल कौन करेगा। इसके अलावा घर पर नाते-रिश्तेदारों का आना जाना लगा है।
एसडीएम महराजगंज राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि घटनास्थल का जायजा लेकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया गया है। किसान की मौत पर पीड़ित परिवार को सरकारी मदद दिलाई जाएगी।