रायबरेली। ओया गांव निवासी समरजीत उर्फ विनीत (38) की हत्या का चंदापुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने ही फंटी से वार कर विनीत की हत्या की थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
विनीत किसान थे। सोमवार रात नलकूप पर सोने गए थे, तभी उनकी हत्या कर दी गई थी। विनीत के बड़े भाई अमरदीप ने चार युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। एसओजी के साथ ही चंदापुर पुलिस को घटना के खुलासे में लगाया गया था। एसपी डॉ. यशवीर सिंह दोपहर दो बजे प्रेस काॅन्फ्रेंस में मीडिया से रूबरू हुए और विनीत हत्याकांड का पर्दाफाश किया।
एसपी के मुताबिक किसान की हत्या के मामले में चंदापुर थाना क्षेत्र के देवरी मजरे ओया गांव निवासी प्रांजुल, मिल एरिया थाना क्षेत्र के पूरे ठकुराइन मजरे अमावां निवासी सूरज उर्फ अन्नू, जितेंद्र यादव, कुनाल यादव को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी प्रांजुल मृतक विनीत के नलकूप पर गांजा पीने जाया करता था।
22 नवंबर को प्रांजुल नलकूप पर गांजा पी रहा था। विनीत ने नाराजगी जताते हुए प्रांजुल को नलकूप पर गांजा पीने से मना कर दिया। उसे धक्का देकर भगा दिया था। दोबारा नलकूप पर दिखने पर प्रांजुल को जमीन में दफनाने तक की धमकी दी थी। इससे प्रांजुल नाराज था और उसने इस अपमान का बदला लेने की साजिश रची।
एसपी के मुताबिक बीते 24 नवंबर को चारों आरोपियों ने विनीत को पहरेमऊ बाजार शराब पिलाई। खुद भी शराब पी। इस दौरान प्रांजुल ने अपमान का बदला लेने की बात कही। सभी लोग नलकूप पर पहुंचे। विनीत चारपाई पर बैठकर गांजा पी रहा था। इसी दौरान कुनाल ने नलकूप की दीवार के किनारे रखी लकड़ी की फंटी विनीत के सिर पर मार दी। विनीत थोड़ा लड़खड़ाया और उसने अन्नू उर्फ सूरज को पकड़ लिया।
इस पर आरोपी शुभम ने कुनाल से फंटी छीनकर दोबारा सिर पर मार दी। दो बार वार करने पर फंटी भी टूट गई। इसके बाद सभी हमलावर नलकूप से भाग गए। भागने में सूरज का मोबाइल घटनास्थल पर छूट गया था। दोबारा आरोपी नलकूप मोबाइल लेने पहुंचे तो देखा कि विनीत तड़प रहा था। इस पर सभी उसे नलकूप के कमरे में फेंककर भाग गए और कुछ देर बाद विनीत की मौत हो गई।
कॉल डिटेल के जरिये पुलिस उन तक न पहुंच जाए, इसलिए मोबाइल तोड़कर उसे शारदा नहर में फेंक दिया था। घटना में प्रयुक्त फंटी भी बरामद की गई है। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा, चंदापुर थाना प्रभारी अरविंद सिंह मौजूद रहे।