रायबरेली। अरखा स्टेशन के पास मालगाड़ी डिरेल होने के मामले में एनटीपीसी परियोजना के वैगन ट्रिपलर पर तैनात कर्मचारी की लापरवाही सामने आई है। परियोजना सूत्रों के अनुसार वीडियो फुटेज में एक कर्मचारी वैगन उतारते समय दूसरी तरफ देखने लगा था, जिससे पूरा वैगन खाली होने से पहले ही सीधा कर दिया गया था। इससे कोयला खाली नहीं हो पाया और घटना हो गई। मामले को रेलवे बोर्ड ने भी संज्ञान में लिया है। वहीं, घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी, इसके भी संकेत मिल रहे है। हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
रविवार की शाम एनटीपीसी परियोजना ऊंचाहार में कोयला उतारने के बाद 58 वैगन वाली खाली मालगाड़ी अरखा स्टेशन आ रही थी। तभी इंजन से तीसरे वैगन के पहिये पटरी से उतर गये थे। घटना के बाद लखनऊ से अपर मंडल रेल प्रबंधक नीलिमा सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) गौरव दीक्षित और मैकेनिकल एवं अभियंत्रण से जुड़े अधिकारियों के साथ जिले के रेलवे अधिकारी पहुंचे थे। प्राथमिक स्तर पर बनाई गई पांच सदस्यीय टीम ने एडीआरएम समेत अन्य मंडलीय अफसरों की निगरानी में घटना के कारणों की जांच की थी। इसमें वैगन से पूरा कोयला खाली न होने के चलते घटना होने की बात सामने आई थी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रेलवे ने एनटीपीसी परियोजना से वैगन ट्रिपलर की वीडियो फुटेज मांगी है, लेकिन एनटीपीसी ने वीडियो फुटेज देने से इन्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार वीडियो फुटेज में वहां तैनात कर्मचारी की लापरवाही साफ दिखी है। यही वजह है कि परियोजना के अधिकारी फुटेज देने में कतरा रहे हैं। इस बाबत परियोजना के जनसंपर्क अधिकारी ऋषभ शर्मा ने बताया कि परियोजना से मालगाड़ी पूरी खाली कर भेजी गई थी। उसमें हमारी तरफ से कोई कमी नहीं थी।
इनसेट
घटनाओं को दबाने का होता रहा है प्रयास
एनटीपीसी परियोजना में कोयला उतारने के लिए चार वैगन ट्रिपलर लगे हुए हैं। ये आए दिन खराब रहते हैं। बीती 29 अक्तूबर की तड़के कोयला उतारते समय पहले वैगन ट्रिपलर के गियर बाक्स में खराबी के चलते कोयला उतारते समय मालगाड़ी का वैगन गिर गया था। वहां काम कर रहे 15 मजदूर बच गए थे। उस घटना को भी दबाने का प्रयास किया गया था। अब इस घटना में भी कमी छिपाने की कोशिश हो रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वैगन खाली कर दिया गया था तो उसमें कोयला कहां से आया था। इसका जवाब किसी के पास नहीं है।