रायबरेली। रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने बुधवार को शहर स्थित वेदांता नर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा करने की कोशिश भी की। मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद विरोध करने वालों ने किनारा कर लिया। सील किए गए अस्पताल भवन को कोतवाली पुलिस की अभिरक्षा में सौंपा गया है।
बीती 10 सितंबर को शाश्वत नर्सिंग होम को भी सील किया गया था। शहर के दूसरे बड़े नर्सिंग होम पर हुई सीलिंग की कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में अफरा-तफरी है। प्रतापगढ़ जिले के पूरे बोधी अगई लालगंज अझारा निवासी शरद कुमार सिंह की 10 साल की बेटी शिवानी की मौत शाश्वत नर्सिंगहोम में गलत इलाज के कारण हो गई थी। बच्ची को बीती 29 जून को जेल रोड स्थित हॉस्पिटल में सर्जरी के लिए भर्ती कराया था। 30 जून को ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत खराब होने पर कोमा की हालत में लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान बालिका की मौत हो गई थी।
मामले में बच्ची के पिता की तहरीर पर वेदांता नर्सिंग होम के संचालक डॉ. निशांत सिंह, शाश्वत नर्सिंग होम के संचालक डाॅ. अमित सिंह और शाश्वत नर्सिंग होम के अन्य तीन स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस की तरफ से मामले में इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की गई थी। पुलिस ने शाश्वत नर्सिंगहोम के संचालक डॉ. अमित सिंह को गिरफ्तार करने के बाद नर्सिंगहोम को सील कर दिया था।
आरडीए के सचिव विशाल यादव ने बताया कि वेदांता नर्सिंग होम के संचालक को नोटिस देकर भवन को वैध कराने का समय दिया गया था। इसके बाद भी भवन को वैध नहीं कराया गया। इसी कारण बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर वेदांता नर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई की गई है।